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प्रकृति को नुकसान पहुंचाया, तो दया नहीं - कोर्ट

प्रकृति को नुकसान पहुंचाया, तो दया नहीं - कोर्ट

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अवैध रेत खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने कोई भी दया दिखाने से इनकार कर दिया। गोंदिया जिले से संबंधित आरोपियों को 5 माह के लिए तड़ीपार करने के पुलिस अधीक्षक के फैसले को हाईकोर्ट ने कायम रखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी है। आरोपियों के नाम भरतारी बहेलिया (31), राहुल मेश्राम (30), निलेश उईके (30) है। ये गोंदिया जिले के निवासी हैं। सख्त टिप्पणी में हाईकोर्ट ने कहा कि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि प्रकृति चक्र को कायम रखने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए समाज में जागरूकता बहुत जरूरी है। अवैध रेत खनन पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाता है। कई मौकों पर देश की सर्वोच्च अदालत ने अवैध रेत खनन पर चिंता जताई है। नदियों के िकनारे अवैध रेत खनन से नदियों का स्वरूप बिगड़ रहा है। सारे देश में ऐसी स्थिति है कि अवैध रेत खनन के कारण हमारी नदियांे पर तेजी से बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यदि राज्य सरकार और प्रशासन अवैध रेत खनन नहीं रोक पाए, तो हमारे देश के पर्यावरण पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। 

यह है आरोप : दरअसल याचिकाकर्ता की अपराध में लिप्तता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने 17 सितंबर 2020 को नोटिस जारी किया था।  आरोप था कि वह अवैध खनन में शामिल निलेश उईके गैंग के सदस्य है। 14 जनवरी को गोंदिया पुलिस अधीक्षक ने तड़ीपारी का आदेश जारी किया था। याचिकाकर्ता को 5 माह के लिए गोंदिया जिले से तड़ीपार किया गया था, जिसके खिलाफ अपील करने पर  नागपुर विभागीय आयुक्त ने भी उसे कायम रखा था। ऐसे में आरोपियों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने यह निर्णय दिया है।  

विनय वासनकर की जमानत याचिका खारिज
 बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने निवेशकों से धोखाधड़ी के आरोपी वासनकर समूह के विनय वासनकर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्या. विनय जोशी की खंडपीठ ने  यह निर्णय दिया है।  निवेशकों को बड़ा लालच दिखाकर उनसे बड़ी रकम एंेठने वाले समूह संचालक प्रशांत वासनकर और उक्त आरोपी के खिलाफ विविध शहरों के पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए थे। 

वर्ष 2014 से है जेल में
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 406, 409, 120-ब, 34, महाराष्ट्र निवेशक हित संरक्षण कानून की धारा 3 के तहत अपराध दर्ज किए थे। निवेशकों का आरोप है कि, समूह जगह-जगह सेमिनार आयोजित करता था और सेमिनार में पहुंचे लोगों को 40-50 प्रतिशत तक के ब्याज का लालच दिखाता था। कंपनी के एजेंट राज्य भर में घूम-घूमकर कंपनी के लिए निवेश लाया करते थे। ऐसा करके उन्होंने एक बड़ी रकम निवेशकों से एंेठी थी, जो निवेशकों को कभी लौटाई नहीं गई। पुलिस ने इस मामले में विनय वासनकर को भी आरोपी बनाया है। वर्ष 2014 से वह जेल में है। 
 

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