दैनिक भास्कर हिंदी: बंगाल में कितनी सीट जीतेगी भाजपा, प्रशांत किशोर ने किया ट्वीट-बोले 'इसे संभाल कर रखना' 

December 21st, 2020

डिजिटल डेस्क (भोपाल)।  किसान आंदोलन के बीच भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल में होने वाला विधानसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा यहां पर कभी भी सत्ता में नहीं रही, लेकिन इस बार पार्टी को लग रहा है कि 10 साल से चल रही तृणमूल कांग्रेस की सरकार को रोकने का यह सही मौका है। गृहमंत्री अमित शाह लगातार यहां रैलियां कर रहे हैं और 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी रैलियों में कहा करते थे कि 5 साल हमारी पार्टी को दीजिए 'भारत के अच्छे दिन लौटाउंगा'। उसी तरह अमित शाह भी रैलियों में कह रहे हैं कि हमें 5 साल दीजिए, प्रदेश को ‘Sonar Bangla’ बना देंगे। 

उल्लेखनीय है कि 2021 की शुरुआत यानी मार्च-अप्रैल में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी ने पार्टी को जीत दिलाने के लिए देश के मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को जिम्मा सौंपा है। इसके पहले प्रशांत किशोर कई राज्यों में भाजपा को विजय दिला चुके हैं। भाजपा के नेता लगातार यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि तृणमूल के दर्जनों नेता  पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर रहे हैं और बंगाल की जनता भी बदलाव चाहती है। वहीं, कई नेताओं के तृणमूल छोड़कर भाजपा में जाने पर ममता पहले ही कह चुकी हैं कि यह वह लोग हैं, जिन्हें इस बार पार्टी से दोबारा टिकट नहीं मिलने वाला था। 

इसी बीच प्रशांत किशोर ने आज 21 दिसंबर को एक ट्वीट करके बंगाल की राजनीति में एक बहस का मुद्दा छेड़ दिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए चैलेंज किया है कि ' मीडिया की मदद से भाजपा यह प्रचार करने में लगी है कि बंगाल में उसकी जीत होगी, लेकिन वास्तव में भाजपा पश्चिम बंगाल में डबल डिजिट के लिए भी संघर्ष करेगी'। उन्होंने आगे लिखा कि 'कृपया इस ट्वीट को संभाल कर रख ले और यदि भाजपा इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकी तो मैं यह जगह और यह काम ही छोड़ दूंगा!

प्रशांत के इस ट्वीट के जवाब में भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'भाजपा की बंगाल में जो सुनामी चल रही हैं, सरकार बनने के बाद इस देश को एक चुनाव रणनीतिकार खोना पड़ेगा'। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव 2021 में होने हैं। इसके पहले 2016 के चुनावों में भाजपा को सिर्फ तीन सीटों पर जीत हासिल हुई थी। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनावों में 42 में से 18 सीटें जीतकर भाजपा ने सनसनी फैल दी थी। हालांकि, 2019 में सर्जिकल स्ट्राइक की वजह से भाजपा के पक्ष में एक लहर भी थी।