श्रेय लेने की होड़ में वर्तमान व पूर्व विधायक में ठनी

In the race to take credit, the present and former mlas were stuck
श्रेय लेने की होड़ में वर्तमान व पूर्व विधायक में ठनी
अमरावती श्रेय लेने की होड़ में वर्तमान व पूर्व विधायक में ठनी

डिजिटल डेस्क, अमरावती।  चांदूर रेलवे धामणगांव निर्वाचन क्षेत्र में 75 करोड़ के विकास कार्य का भूमिपूजन पालकमंत्री यशोमती ठाकुर के हाथों व पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप की प्रमुख उपस्थिति में आयोजित किया गया। इसी काम का भूमिपूजन इससे पूर्व वर्तमान विधायक प्रताप अडसड व सांसद रामदास तड़स के हाथों हुआ था। इसलिए यह काम विधायक व सांसद निधि से हुआ है। इसके कारण तुम लोग यह भूमिपूजन क्यों कर रहे हो, यह कहते हुए कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। परस्पर विरोधी घोषणाबाजी के साथ राजकीय वर्चस्व की लड़ाई फिर सामने आ गई।यह सभी विकास कार्य जनता के पैसे से किए जाते हैं। यह जनप्रतिनिधि की निजी संपत्ति से नहीं किए जाते। इसलिए यह दोनों श्रेय लेने की स्पर्धा बंद करें। यह प्रतिक्रिया नागरिकों ने व्यक्त की है। यशोमती ठाकुर, महिला व बाल विकास तथा पालकमंत्री अमरावती जिला और पूर्व विधायक प्रा. वीरेंद्र जगताप के हाथों 75 करोड़ के रास्ते विकास काम का भूमिपूजन समारोह शनिवार 30 अप्रैल को सुबह 8.30 बजे आयोजित किया गया।  कंझरा रोड चौफुली नांदगाव खंडेश्वर में पूर्व नगराध्यक्ष अक्षय पारस्कर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमोल धवसे ने कार्यक्रम का का विशेष प्रचार कर इस पर ध्यान दिया। 75 करोड़ रुपए के सभी विकास कार्य का भूमिपूजन हुआ। इसका राजनीतिक श्रेय लेने के लिए दोबारा भूमिपूजन करना अर्थात लोगों को भ्रमित करना है। यह बात सांसद रामदास तड़स ने कही।  75 करोड़ के विकास काम के भूमिपूजन के रूप में प्रसार माध्यम द्वारा जनता के साथ संवैधानिक पद पर आसीन अमरावती जिले की पालकमंत्री यशोमती ठाकुर को भी भ्रमित करना निंदनीय है। यह बात विधायक प्रताप अडसड ने कही। 

सांसद रामदास तड़स व विधायक प्रताप अडसड के द्वारा किए गए विकास कार्यों का भूमिपूजन होने के बाद उसी विकास कार्य का पालकमंत्री के हाथों दोबारा भूमिपूजन करना पालकमंत्री को अंधेरे में रखना है। यह बात विधायक प्रताप अडसड ने कही। जनता के प्रतिनिधि व जनप्रतिनिधि के रूप में सांसद रामदास तड़स व विधायक प्रताप अडसड ने धामणगांव रेलवे निर्वाचन क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के भूमिपूजन को नये सिरे से स्वयं पालकमंत्री कर रही हैं। यह समाचार शोशल मीडिया पर वायरल होते ही भाजपा तथा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में शय और मात की स्पर्धा शुरू हो गई। शिवसेना, कांग्रेस व राष्ट्रवादी की संयुक्त सत्ता राज्य में स्थापित होने के बाद महाराष्ट्र में विकास कार्य करने में हम अग्रसर हैं। यह घोषित करना इन्हें गलत नहीं लग रहा है। एक सौ पांच विधायकों की जीत के बाद सत्ता से दूर रही भाजपा को धामणगांव रेलवे निर्वाचन क्षेत्र में सत्ता न होते हुए भी राजनीतिक उथलपुथल देखने को मिल रही है। सत्ता के लिए जो जानलेवा स्पर्धा शुरू है। इस स्पर्धा में अब सर्वसामान्य कार्यकर्ताओं को झोंका जा रहा है। इसलिए “दादा’ “भाऊ’ आगे बढ़ो! इसके लिए जोर लगाना शुरू है। वास्तव में देखा जाय तो शासन की तिजोरी में जमा होने वाला पैसा यह जनता का टैक्स का पैसा है। इसका प्रचार करने का अधिकार किसी को नहीं है। यह सर्वसामान्य जनता का मत है। 
 
 

Created On :   2 May 2022 2:21 PM IST

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