दैनिक भास्कर हिंदी: समंदर में सेना का रेस्क्यू: मदद के लिए उतरे INH कोच्चि और तलवार; चार जहाजों में सवार 710 लोगों में 215 का रेस्क्यू

May 18th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। ताऊते तूफान की वजह से मुबंई के तटीय इलाकों में मौसम बेहद खराब है। 175 किलोमीटर से चल रही हवाओं ने महाराष्ट्र के कई इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। फिलहाल मुबंई के समुद्र में कुल 4 जहाज फंसे है। जिनमें 710 यात्री सवार थे, जिनमें से 215 को रेस्क्यू किया गया है। मुबंई से दूर बार्ज p305 पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। नौसेना ने अपने दो पोत आईएनएस कोच्चि और तलवार को मौके पर भेज दिए हैं।

 

पूरा मामला क्या हैं
अरब सागर से उठे ताउते तूफान ने महाराष्ट्र में भीषण तबाही मचाई है। अब भले ही ये तूफान महाराष्ट्र से निकलकर गुजरात होते हुए राजस्थान की सीमा की तरफ बढ़ गया हो पर इसका असर अभी भी समुद्री तटों पर नजर आ रहा है। च्रकवात की वजह से मुबंई के बार्ज p305 पर 273 लोग फंसे थे, जिनमें से 177 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। बता दें, बार्ज p305 ओएनजीसी का एकोमेडेशन बार्ज है। चक्रवात की वजह से लोगों को यहां से रेस्क्यू किया जा रहा है।

710 यात्रियों का रेस्क्यू
ताऊते तूफान के बाद 4 जहाज समुद्र में फंसे थे। जिनमें में 710 यात्री सवार थे। इस बीच बार्ज GAL कंस्ट्रक्टर भी फंसा था, जिसमें से 137 यात्री सवार थे। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए इमरजेंसी टोइंग वेसल वाटर लिली के साथ दो सपोर्ट वेसल भेजे गये थे। इनमें से 38 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। भारतीय कोस्ट गार्ड शिप सम्राट भी मौजूद है। 

कैसे पहुंच रही है मदद
नौसेना के आईएनएस कोच्चि, कोलकाता और तलवार समुद्र में उतर चुके हैं और लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे है। इस बीच ऑयल रिग सागर भूषण में 101 लोग फंसे हैं और बार्ज SS- 3 में 196 लोग फंसे है। इनके पास मदद के लिए आईएनएस तलवार को भेजा गया है। वहीं हेलिकॉप्टर्स और  P81 के जरिए रेस्क्यू मिशन पर नजर रखी गई है।

क्या हैं बार्ज p305
बार्ज p305 ओएनजीसी का एकोमेडेशन बार्ज था। जो फिलहाल रेस्क्यू किया जा रहा है। समुद्र में तूफान आने की वजह से यह पानी में फंस गया। इसमें ऑयल रिंग के कर्मचारी एवं मजदूर रहते थे। जब एसओएस को यह सूचना मिली तो उन्होंने नौसेना को बचाव कार्य के लिए भेज दिया है।

11 गोताखोर का दल तैयार 
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार नौसेना के 11 गोताखोर दल तैयार हैं। अगर बाढ़ के हालत आते है तो मेडिकल टीम भी तैनात की जाएगी। तूफान प्रभावित राज्यों में इन्हें भेजा जाएगा।