दैनिक भास्कर हिंदी: छत्तीसगढ़ की सीमा पर खुफिया कैमरे से होगी निगरानी : कलेक्टर

September 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, सीधी। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था और उपद्रवी तत्वों पर निगरानी  संबंध में पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले कोरिया के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दोनों राज्य की सीमा पर खुफिया कैमरे से निगरानी करने की बात कही गई है। इसके साथ ही चेकपोस्ट लगाकर वाहनों की जांच की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू नही हुई है किंतु प्रशासन द्वारा महीने भर से चुनावी तैयारी शुरू हो गई है। इसके पहले मतदाता सूची तैयार करने पूरा अमला जुटा रहा वहीं बाद में मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान शुरू किया गया। चुनाव को लेकर शांति व्यवस्था बनी रहे, सीमावर्ती राज्य से उपद्रवी तत्वों को रोंकने की तैयारी भी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में कलेक्टर सीधी दिलीप कुमार एवं पुलिस अधीक्षक तरूण नायक ने छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती जिले कोरिया के कलेक्टर नरेन्द्र कुमार दुग्गा एवं पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला से फारेस्ट रेस्ट हाउस जनकपुर में विस्तृत चर्चा की।

बैठक में शरारती एवं उपद्रवी गतिविधियों पर कड़े नियंत्रण का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा पर स्थैतिकचेकपोस्ट द्वारा निगरानी करने का निर्णय लिया गया जहां पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे। इसके साथ ही पैदल आवागमन के मार्गो पर भी सतत निगरानी रखी जायेगी। किसी भी प्रकार के अवैध मदिरा, सामग्री एवं उपद्रवी व्यक्तियों के आवागमन पर नियंत्रण रखा जायेगा तथा इनके अवैध परिवहन पर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। बैठक में सीमा से निकटवर्ती मतदान केन्द्रों के स्थानीय राजस्व, पुलिस, वन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को सतत संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी अप्रिय स्थिति से संयुक्त प्रयास से कड़ाई से निपटा जा सके।

बैठक में दोनो जिले के सीमावर्ती उपखण्ड के राजस्व, पुलिस, वन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बता दें कि सीधी जिले का दक्षिणी छोर छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से लगा हुआ है वहीं उत्तरी पूर्वी भाग उप्र की सीमा को छूता है। चुनाव के दौरान दूसरे राज्यों से अवैध मादक पदार्थों के अलावा अराजक तत्वों के आने की पूरी संभावना रहती है। इसीलिये  चुनाव की घोषणा होने के पहले ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है। छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले के अधिकारियों से बैठक के बाद उप्र के अधिकारियों से भी इस संबंध में बैठक कर रणनीति बनाई जायेगी।

पोस्टर होर्डिंग्स हटाने की धीमी पड़ी कार्रवाई
आगामी विधानसभा चुनाव केा लेकर सरकारी भवनों, खंभों आदि स्थानों में लगाये गये पोस्टर, होर्डिंग्स को पखवाड़े भर पहले हटाने का अभियान तो चलाया गया किंतु औपचारिकता के बाद अभियान ठंडा पड़ गया है। शहर सहित नगर पंचायत क्षेत्र में अभी भी विद्युत खंभे में प्रचार सामग्री लटकी देखी जा रही है। इसके साथ ही सरकारी भवनों और दीवारों में लिखे गये श्लोगन भी नहीं हटाये गये हैं। वाहनों से पद व नाम वाले प्लेट तो अधिकांश अब नही दिख रहे किंतु कुछ ऐसे भी हैं जो नियमों की अवहेलना करते देखे जा रहे हैं।

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