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दीपावली पर भी नहीं मिल पाया ईपीएफ पर ब्याज

दीपावली पर भी नहीं मिल पाया ईपीएफ पर ब्याज

डिजिटल डेस्क,नागपुर। कोरोनाकाल को देखते हुए सरकार ने दीपावली तक कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर ब्याज देने की घोषणा की थी, लेकिन दीपावली निकलने के बाद भी कर्मचारियों को पीएफ की निधि पर पूरा ब्याज नहीं मिल सका है। सरकार ने 8.65 फीसदी ब्याज देने का निर्णय लिया है, लेकिन अभी तक 8.50 फीसदी ब्याज ही जमा हो सका है। 0.15 फीसदी ब्याज के लिए कर्मचारियों को अभी आैर इंतजार करना होगा। 

ईपीएफओ में जमा राशि पर सरकार की तरफ से ब्याज दिया जाता है। सरकार ने 2019-20 में 8.75 फीसदी ब्याज दिया था, वहीं इस साल (2020-21) में ब्याज दर घटाकर 8.65 कर दी। कोरोनाकाल को देखते हुए ब्याज में कमी की गई थी। सामान्यत: ब्याज जुलाई तक जमा हो जाता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण सरकार समय पर ब्याज नहीं दे सकी। सितंबर में 8.50 फीसदी ब्याज जमा हुआ। शेष ब्याज की राशि दीपावली तक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। काम-धंधे बंद होने से लोग ईपीएफआे से अपनी निधि निकाल रहे हैं। नागपुर विभाग में पहले जहां हर महीने 15 हजार कर्मचारी विड्राल (राशि निकालना) लेते थे, वहीं अब हर महीने विड्राल के 25 हजार से ज्यादा मामले पहुंच रहे हैं। 

नौकरियां जाने से योगदान हो रहा कम 
कंपनी की तरफ से कर्मचारियों का ईपीएफ जमा किया जाता है। कोरोनाकाल में तेजी से नौकरियां गईं आैर ईपीएफ योगदान में जबरदस्त कमी आई। नागपुर विभाग में करीब 14 हजार से ज्यादा कंपनियां व कारखाने हैं, जिसमें से 4 हजार कंपनियां अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं। ईपीएफ में योगदान कम आने से ईपीएफआे की आय में भी 35 फीसदी तक की कमी आई है। ईपीएफओ नागपुर विभाग में जहां साल में 500 करोड़ तक का योगदान होता था, वहीं इस साल 300 करोड़ तक ही योगदान होने की उम्मीद है। नागपुर विभाग में ईपीएफआे के तहत करीब 15 लाख पंजीकृत कामगार हैं।

सरकारी आदेश का इंतजार 
शेष ब्याज देने संबंधी सरकारी आदेश नहीं मिला है। सरकार से आदेश मिलते ही शेष ब्याज की निधि जमा कर दी जाएगी। प्रशासन खुद निर्णय नहीं ले सकता। कोरोनाकाल में निधि का योगदान कम और निधि निकालना (विड्रॉल) ज्यादा हो रहा है। कंपनियां बंद होने से योगदान व आय में 35 फीसदी तक की कमी आई है।  -विकासकुमार, क्षेत्रीय आयुक्त ईपीएफओ नागपुर.

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।