दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर मनपा के ETM खरीद की हो रही जांच, सीएम ने विधानसभा को दी जानकारी

March 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर महानगर पालिका के परिवहन विभाग ने एक करोड़ 54 लाख 13 हजार 600 रुपए में 800 इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ETM) खरीदा है। मशीन की कीमत फिलहाल कंपनी को अदा नहीं की गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। भाजपा के विकास कुंभारे ने नियमों को ताक पर रखकर टेंडर प्रक्रिया के बिना खरीदारी से जुड़ा सवाल किया था। जवाब में मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि जरूरी प्रशासनिक मान्यता और टेंडर प्रक्रिया के बाद यह खरीद हुई है। नागपुर मनपा में इस बाबत उठाए गए सवालों की जांच नागपुर मनपा के अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में जारी है।

बुलढाणा में नाट्यगृह के लिए सरकार खर्च कर चुकी है 3 करोड़
बुलढाणा शहर में नाट्यगृह बनाने के लिए नगर परिषद ने चार करोड़ 23 लाख रुपए का नया अंदाजपत्रक प्रशासनिक मान्यता के लिए राज्य सरकार के सांस्कृतिक विभाग के पास भेजेगा। बार-बार अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद नाट्यगृह बनाने में हो रही देरी के चलते पुराना ठेका रद्द कर दिया गया है। बाद में नाट्यगृह आधुनिक बनाने के लिए 12 अतिरिक्त कामों को मंजूरी दी गई है। विधानसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह जानकारी दी।

कांग्रेस के हर्षवर्धन सपकाल ने निधी के अभाव में काम में हो रही देरी से जुड़ा सवाल पूछा था। लिखित जवाब में मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया है कि पिछले ठेकेदार से बचे हुए काम का 5 फीसदी दंड वसूलने का फैसला किया गया है। इसके अलावा इसके लिए 75 फीसदी रकम सांस्कृतिक विभाग जबकि 25 फीसदी नगर परिषद को देना है। राज्य सरकार तीन करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुकी है और बाकी का पैसा नगरपरिषद को खर्च करना है।

98 फीसदी लोगों ने सहमति से दी है एयरपोर्ट के लिए जमीन
नई मुंबई हवाई अड्डा परियोजना दो से ढाई साल में पूरी कर ली जाएगी जबकि इसके पहले चरण की शुरुआत दिसंबर 2019 तक होगी।। प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में दिया। उन्होंने बताया कि 98 फीसदी लोगों ने अपनी सहमति से परियोजना के लिए जमीन दी है। सरकार परियोजना प्रभावितों को तीन गुना नुकसान भरपाई, घर बनाने, अवागमन का खर्च और 18 महीने का किराया भी उपलब्ध कराएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि परियोजना प्रभावित अगर खुद जमीन का विकास करेंगे तो उनसे अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा लेकिन वे अगर किसी और विकासक को जमीन देते हैं तो सरकार शुल्क वसूलेगी।