मांग: रेलवे के 10 कर्मचारियों को सौम्य सेवाकार्य में शामिल करें

November 30th, 2021

 डिजिटल डेस्क, नागपुर।  अनुसूचित जाति, जनजाति के अनफिट करार 13 कर्मचारियों में से 10 कर्मचारियों को सौम्य सेवा कार्य में शामिल करने की मांग को लेकर दक्षिण पूर्व-मध्य रेलवे ट्रैकमैन, गेटमैन, ट्रालीमैन इंजीनियरिंग संगठन के दो कर्मचारियों द्वारा आंदोलन छेड़ दिया गया है। विधानभवन के सामने पिछले तीन दिन से धरना दे रहे कर्मचारियों ने एससी-एसटी मेडिकली डी-कैटेगराइज कैज्युअल लेबर्स को अल्टरनेटिव जाॅब रि-इंगेजमेंट प्रदान करने की मांग की है। धरना दे रहे जितेंद्र विठोबा खोब्रागड़े ने बताया कि 18 वर्ष पहले इन कर्मचारियों को अनफिट करार दे सेवा से हटाया गया, लेकिन अब तक उन्हें वैकल्पिक नौकरी में शामिल नहीं किया गया हैं। इन पीड़ितों अथवा उनके परिजनों को नौकरी देने की मांग आंदोलनकारियों ने की है।

अयोग्य करार देकर हटाए गए
रेलवे में कार्यरत ट्रैकमैन, गेटमैन, ट्रालीमैन की हर तीन वर्ष में शारीरिक योग्यता(मेडिकल फिटनेस) की जांच की जाती है। जांच के दौरान कार्य के लिए अयोग्य पाए जाने पर उन्हें ट्रैकमैन, गेटमैन, ट्रॉलीमैन के पद से हटाकर सफाईकर्मी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। वर्ष 2003 से पहले 13 कर्मचारियों को काम से हटाया गया, लेकिन 3 कर्मचारियों को ही वैकल्पिक सेवा में शामिल किया गया। 10 कर्मचारी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। 21 फरवरी 2003 को रेल प्रशासन के कोलकाता मुख्यालय में पत्र भेजकर रेलवे के मजदूर संगठन द्वारा बेरोजगार कर्मचारियों को वैकल्पिक सेवा में शामिल करने की मांग की गई थी। 

मामले में बिलासपुर रेल प्रशासन द्वारा नागपुर रेल प्रशासन को आदेश देकर पीड़ितों को सेवा में शामिल करने के लिए कहा गया था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस दौरान ई. प्रभाकर राव, सत्यनारायण सोनी व जी.बाबाजीराव को सेवा में शामिल किया गया था। यह कर्मचारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जितेंद्र वाघमारे ने आरोप लगाया कि जी.बाबाजीराव नामक कर्मचारी का सूची में नाम न होने के बावजूद उन्हें सेवा में शामिल किया गया था। घोटाले का आरोप लगाते उन्होंने प्रकरण की जांच की भी मांग की है। खोब्रागड़े के साथ अनिल वासनिक धरना दे रहे हैं।