दैनिक भास्कर हिंदी: IPS गौरव रिश्वत कांड : डॉ. लालवानी ने बताया जान को खतरा

July 27th, 2017

डिजिटल डेस्क,कटनी। आईपीएस गौरव राजपूत पर 10 लाख की रिश्वत का आरोप लगाने वाले वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विशम्भर लालवानी ने डीजीपी से सुरक्षा की मांग की है। लालवानी ने लिखित आवेदन में कहा है कि मामले में समझौता करने, शिकायत वापस लेने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। मेरे साथ यदि कोई भी घटना घटित होती है तो इसके लिए प्रकरण के आरोपी जिम्मेदार होंगे।

जान को खतरा
डॉ. लालवानी ने डीजीपी एवं पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में कहा है कि मेरी शिकायत में जो आरोपी आरक्षक अंजनी मिश्रा, बादशाह बहादुर यादव, गणेश्वर सिंह एवं जितेंद्र सिंह वर्तमान में उमरिया जिले में तैनात हैं। चारों आरक्षक मेरे खिलाफ अपराधिक साजिश कर रहे हैं। मेरे क्लीनिक सहित मेरे एवं मेरे परिवार पर कोई भी घटना घटित हो सकती है। सभी आरोपियों पर जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद अब मुझ पर खतरा और बढ़ गया है। लेकिन मैं साहस के साथ हर परिस्थिति का मुकाबला करने तैयार हूं।

क्या है मामला ?
प्रतिभा बजाज कांड में माधवनगर पुलिस ने डॉ. लालवानी का नाम जोड़कर ब्लैकमेल किया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक गौरव राजपूत ने खुद डॉ. लालवानी को इस काण्ड में जेल भेजने, क्लीनिक बंद करने की धमकी दी थी। इसके बाद माधवनगर थाना प्रभारी रही गायत्री सोनी एवं चार आरक्षक डॉ. लालवानी के क्लीनिक पहुंचे और उनसे 10 लाख रूपए वसूले। इसके बाद में जब और पैसों की मांग की गई तो डॉ. लालवानी ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत भोपाल डीजीपी से की थी।

मामला पुलिस मुख्यालय में लंबित
रिश्वत कांड की जांच का आदेश तत्कालीन डीजीपी ने दिया था। एडीजी जनार्दन ने इस मामले की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस मुख्यालय में लंबित है। प्रदेश भर के मीडिया में सुर्खियों में रहे इस कांड के आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।