दैनिक भास्कर हिंदी: अन्ना के पैर छूकर फडणवीस ने बचायी सरकार : जयंत पाटील

February 6th, 2019

डिजिटल डेस्क,नागपुर। सरकार के विराेध में सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे के आंदोलन को लेकर एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा है कि अन्ना के पैर छूकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार को नौ माह तक बचा लिया है। संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। राज्य सरकार का बजट सत्र होने वाला है। अन्ना हजारे की मांगों के संदर्भ में विधेयक लाकर संसद व विधानसभा में चर्चा की जा सकती थी, लेकर फडणवीस अन्ना के सामने नतमस्तक हो गए। अन्ना नौ माह तक नहीं बोलेंगे। फडणवीस सरकार ने संकट दूर किया है। कांग्रेस व एनसीपी की आघाड़ी को लेकर वंचित आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर की भूमिका पर पाटील ने कहा है कि आंबेडकर कुछ भी बोलें पर उन्हें कांग्रेस -एसीपी आघाडी में शामिल किया जाएगा। 

बुधवार को अमरावती में पार्टी सम्मेलन में शामिल होने के सिलसिले में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ आए श्री पाटील नागपुर विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। पत्रकारों से चर्चा में श्री पाटील ने कहा कि संसद का अधिवेशन चल रहा है। 25 फरवरी से राज्य का बजट अधिवेशन शुरु होनेवाला है। हजारे की मांगों को लेकर दोनो अधिवेशन में विधेयक लाकर चर्चा की जा सकती थी। लोकपाल हो अथवा किसानों की समस्या, दोनों मामलों में अण्णा हजारे बार बार मांग कर रहे थे। सरकार लगातार उन मांगों की उपेक्षा कर रही है। हजारे ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार कुछ काम नहीं किया है।

किसानों का अपमान

पाटील ने कहा है कि सरकार बार बार किसानों का अपमान कर रही है। 5 राज्योें के विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद सरकार को किसानों की याद आ रही है। एक वर्ष में 6 हजार रुपये की सहायता , वह भी 3 किश्त में देना किसानों का अपमान है। किसानों को प्रतिमाह 6 हजार रुपये दिया जाना चाहिए। सकल कर्जमाफी करना चाहिए। वर्ष में 6 हजार से अधिक मानधन तो संजय गांधी निराधार योजना में मिलता है।

एक प्रश्न पर पाटील ने कहा कि भाजपा शिवसेना को सत्ता में आने से रोकने के लिए प्रकाश आंबेडकर की वंचित आघाड़ी को कांग्रेस राकांपा आघाड़ी में शामिल किया जाएगा। राज ठाकरे के नेतृत्व की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठबंधन की बात नहीं की गई है। शरद पवार को भाजपा नेता पूनम महाजन ने शकुनी मामा कहकर भाजपा के स्तर को उजागर किया है। चुनाव के समय भाजपा निचले स्तर की राजनीति करने लगती है।