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नागपुर में झमाझम बारिश के बाद बादलों का डेरा, तापमान में 4.8 की गिरावट

नागपुर में झमाझम बारिश के बाद बादलों का डेरा, तापमान में 4.8 की गिरावट

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  नागपुर में रविवार की शाम को झमाझम बारिश के बाद सोमवार को सुबह से ही बादलों ने डेरा डाल रखा है।  बारिश ने रात में कई बार रुक-रुक कर असर दिखाया।  सुबह से आसमान में बादलों का ढेरा जमा हुआ है जैसे ही सूर्यदेव को बार-बार बादल घेर लेते हैं जिससे चुभने वाली धूप का फिलहाल कोई असर होता नहीं दिखाई पड़ रहा है। भरी दोपहर में भी सुहानी शाम जैसा मौसम दिखाई पड़ रहा है। बारिश के चलते रात का तापमान सीधा 4.8 डिग्री सेल्सियस कम हो गया है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी गिरावट आ गई है। इस बारिश ने दिन-रात चलने वाले एसी और कूलर से काफी राहत दी है। गर्म हवा के थपेड़ों के साथ ही गर्मी से तपने वाली दीवारों की तपन भी काफी हद तक कम हुई है। नागपुर के साथ ही विदर्भ में 4 जून तक बारिश की संभावना है जो गर्मी से राहत देने वाला है। इसी के साथ अब लोगों की नजर मानसून पर टिकी हुई है। नागपुर जिले में 19.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

रविवार को अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस था। न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को न्यूनतम तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की वजह से न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जो औसत तापमान से 6.3 डिग्री सेल्सियस कम है। सोमवार को सुबह से ही नागपुर का मौसम खुशनुमा बना हुआ है। सोमवार को रोज की तरह चुभने वाली धूप से बड़ी राहत मिली है। रात में बारिश के बाद  और ठंडी हवाएं चल रही हैं। नागपुर के साथ ही विदर्भ में इससे बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही 4 जून तक मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है जो लगातार तपती गर्मी से बड़ी राहत देने में सफल होता दिखाई पड़ रहा है। 

इन जगहों पर हुआ नुकसान
बता दें कि रविवार की शाम आई आंधी-तूफान से नागपुर शहर ग्रामीण इलाकों में काफी नुकसान हुआ है। कामठी-कन्हान में दर्जनों मकानों के टीन शेड तेज हवा के साथ उड़ गए। पेड़ गिरने से ड्रैगन पैलेस की सुरक्षा दीवार भी ध्वस्त हो गई है। राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक-47 पर कोराड़ी में मॉडर्न स्कूल चौक के पास हाईमास्ट लाइट का बड़ा खंभा गिर गया। इस वजह से महामार्ग पर करीब एक घंटा यातायात बाधित रहा। जिले में 4.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।  उधर, रामगिरी फीडर पर पेड़ की शाखा गिरने से ब्रेकडाउन हो गया। इससे फाॅरेस्ट सोसायटी समेत आस-पास के इलाके की बिजली गुल हो गई। सुगतनगर पानी टंकी के पीछे पेड़ गिर गया। इससे बिजली के तार टूट गए। इसकी वजह से करंट की चपेट में आकर 2 श्वान मर गए। कई इलाकों की बत्ती भी गुल रही।  

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।