दैनिक भास्कर हिंदी: स्पेशल ट्रेनों पर ब्रेक, रूटीन ट्रेनों में बेतहाशा भीड़, प्रयागराज कुंभ जाने वाले यात्रियों को हो रही परेशानी

February 3rd, 2019

डिजिटल डेस्क,कटनी। प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में जाने रोजाना यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। सोमवती अमावस्या पर गंगाजी में डुबकी लगाने की मंशा से जाने वाले श्रद्धालुओं के अरमानों में रेलवे की लचर व्यवस्था पानी फेर रही है। एक ओर स्पेशल ट्रेनों की कमी तो दूसरी ओर बढ़ती भीड़ से लोग रेलवे को कोसना ही रह जाता है। केवल कटनी स्टेशन में ही हर दिन चार हजार से अधिक यात्रियों का दबाव बढ़ा है।   
चलना थी नौ ट्रेन, दौड़ रहीं केवल दो-
रेलवे ने कुंभ मेले के लिए पूर्व में 9 स्पेशल ट्रेनें विभिन्न मंडलों से चलाने के दावे किए थे, लेकिन मेले का एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी प्रयागराज के लिए एलटीटी- वाराणसी एवं सिंगरौली- छिवकी मेला स्पेशल एक्सप्रेस केवल दो ही ट्रेनें चल रही हैं। 14 जनवरी से प्रारंभ हुए कुंभ मेले में जाने रोजाना मुख्य जंक्शन पर हजारों की संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। टिकिट बिक्री संख्या भी दो से तीन गुनी हो गई है। लंबी दूरी से आने वाली प्रयागराज को जाने वाली ट्रेनों में प्रवेश करने के लिए यात्रियों में रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने में जीआरपी-आरपीएफ को भी पसीना आ रहा है। दो से तीन बार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेल पुलिस को सिटी पुलिस का भी सहारा लेना पड़ा है। इन सब परेशानियों को देखने के बाद भी रेलवे द्वारा जबलपुर मंडल से स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई गई हैं। इसी तरह इस रूट की ट्रेनों में एक्सट्रा कोच भी नहीं लगाए गए हैं। स्पेशल ट्रेनें न चलने और प्रमुख ट्रेनों में एक्सट्रा कोच न लगने से यात्री बेहद परेशान हैं।  
डेढ़ से दोगुना हुई यात्रियों की संख्या-
कुंभ मेले को लेकर को लेकर रोजाना यात्री संख्या बढ़ती ही जा रही है। सोमवार को मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान  पर शामिल होने के लिए विगत एक सप्ताह से यात्री संख्या तीन गुनी तक बढ़ी है। रेलवे के सीबीएस कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार आम दिनों में जनरल टिकिटों की बिक्री संख्या छह से सात हजार तक होती है।  जिनसे छ: से सात लाख रुपए रोजाना कैश कलेक्शन होता है। कुंभ मेले की बढ़ी भीड़ के साथ ही टिकिटों की बिक्री संख्या प्रतिदिन 10 ये 12 हजार हो गई है। जिससे कैश कलेक्शन एक पखवड़े से दस से बारह लाख तक हो गया है।
ट्रेन में चढने खतरे में डाल रहे जान, कोचों में विवाद -
ट्रेन आने की सूचना प्रसारित होने के साथ ही यात्री प्लेटफार्म से कूदकर पटरी तक पहुंच रहे हैं। जिससे ट्रेन के दूसरी ओर के दरवाजे से वे जल्द प्रवेश कर सकें। मुख्य स्टेशन के सीएन डब्ल्यू स्टाफ के अनुसार जंक्शन में कई ट्रेनों के इंजन भी बदले जा रहे हैं ऐसे में यात्रियों के परिवार सहित पटरी पर उतरने  से खतरा भी बढ़ रहा है वहीं ट्रेनों में वॉटरिंग, इलेक्ट्रिसिटी कार्य में भी व्यवधान हो रहा है। ट्रेनों में सवार होने के यात्री लिए कोई भी खतरा मोल लेने से नहीं चूक रहे हैं। ट्रेनों में प्रवेश को लेकर विवाद की भी स्थिति बन रही है। प्रयागराज जाने वाली प्रमुख ट्रेन इंदौर- हावड़ा क्षिप्रा एक्सप्रेस, 11071 लोकमान्य तिलक - वाराणासी कामायनी एक्सप्रेस, 15231 गोंदिया- बरौनी एक्सप्रेस, 12322 मुंबई- हावड़ा मेल, 15117 जबलपुर - मंडुआडीह वीकली एक्सप्रेस, 15160दुर्ग- छपरा सारनाथ एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों के जनरल कोचों में भी प्रवेश करना संभव नहीं हो पा रहा है। इसी तरह आरक्षित कोचों में भी वेटिंग टिकिटधारियों के अलावा जनरल टिकिटधारी यात्री भी सवार हो रहे हैं।                                                                                                                                    
तीन दिन से प्लेटफार्म में डेरा-
मुख्य जंक्शन में प्रयागराज जाने के लिए सिंगरौली से 13 लोगों के ग्रुप में आए हरकिशन भूमिया के अनुसार वे शुक्रवार को चोपन लाइन के महदैया स्टेशन से प्रयागराज जाने निकले हैं, बीती दोपहर कटनी आने के बाद वे इस रूट की ट्रेनों में भीड़ के कारण चढ़ ही नहीं पा रहे हैं। उनके अनुसार कल से आज तक वे आठ से भी ज्यादा ट्रेनें छोड़ चुके हैं। इसी तरह की परेशानी गाम गुढ़ी बागरा जिला विदिशा से प्रयागराज जा रहे बिहारीलाल बंशकार ने भी बयां की।  इनके ग्रुप के अनुसार भीड़ के कारण ट्रेनों में घुस ही नहीं पाए।  दिन बदलने के साथ यात्रा का टिकिट भी बेकार हो गया है। इनके गांव के तीन -चार लोग तो सुबह मुड़वारा स्टेशन से वापस विदिशा के लिए रवाना हो चुके हैं। यात्रियों की मानें तो आरक्षित कोचों में सवार होने पर चेकिंग के दौरान उन्हें पेनाल्टी भी भरनी पड़ी है।
इनका कहना है
कुंभ के लिए दो ही स्पेशल ट्रेनों की जाानकाारी है। बाकी रोजाना ट्रेनों की सूचना यात्रियों को दी जा रही है। यात्रियों को ट्रेकों पर उतरने से रोकने के लिए सीएनउडब्ल्यू को भी निर्देशा दिए गए हैं।
ए. कुमार डिप्टी एसएस मुख्य जंक्शन

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