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60 किसान शहीदः कृषि कानून वापस नहीं लेने पर हरियाणा के विधायक अभय चौटाला देंगे इस्तीफा

60 किसान शहीदः कृषि कानून वापस नहीं लेने पर हरियाणा के विधायक अभय चौटाला देंगे इस्तीफा

डिजिटल डेस्क ( भोपाल)।  'मुझे कुर्सी नहीं मेरे देश का किसान खुशहाल चाहिए। सरकार द्वारा लागू इन काले कानूनों के खिलाफ मैंने अपना इस्तीफा अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच हस्ताक्षर कर किसानों को सौंपने का फैंसला लिया है। उम्मीद करता हूं देश का हर किसान पुत्र राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के साथ आएगा'। यह बात हरियाणा के ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने अपने इस्तीफे पर दस्तखत करते हुए कही।  उन्होंने लिखा कि अगर 26 जनवरी तक कानून वापस नहीं हुए तो इसे ही मेरा इस्तीफा समझा जाए। 

 
क्या लिखा है पत्र में... 

अभय चौटाला ने हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष को पत्र सौंपते हुए लिखा कि ' सभी जानते हैं कि देवीलाल जी ने हमेशा किसानों के लिए संघर्ष किया। आज की परिस्थियों में उसी विरासत का मैं रखवाला हूं। किसानों पर आए इस संकट की घड़ी में मेरा दायित्व है कि मैं हर संभव प्रयास करूंगा, जिससे किसानों के भविष्य और अस्तित्व पर आए इस खतरे को टाला जा सके। केंद्र सरकार के द्रारा लागू किए गए तीनों कृषि कानूनों का देशभर में विरोध हो रहा है। अब तक 47 से अधिक दिन हो चुके हैं और कड़ाके की ठंड में लाखों किसान दिल्ली को चारो तरफ से घेरे हुए बैठे हुए हैं। ठंड के कारण 60 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं। इस संबंध में सरकार और किसानों के बीच 8 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन सरकार ने कोई भी समाधान निकालने की कोशिश नहीं की है। 

हालात देखकर लग रहा है कि विधानसभा के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में, मैं कोई भी ऐसी भूमिका इन परिस्थितियों में निभा सकूंगा, जिससे किसानों के हित की रक्षा की जा सके। अतः एक संवेदनहीन विधानसभा में मेरी मौजूदगी कोई महत्व नहीं रखती। इन सभी हालातों को देखते हुए अगर भारत सरकार इन तीनों काले कानूनों को 26 जनवरी तक वापस नहीं लेती तो इस पत्र को विधानसभा से मेरा त्याग पत्र समझा जाए।  

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।