दैनिक भास्कर हिंदी: कोरेगांव भीमा हिंसा मामला : एल्गार परिषद के आयोजक समेत 5 गिरफ्तार

June 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, पुणे। शनिवार वाड़ा के मैदान में एल्गार परिषद का आयोजन करने वाले सुधीर ढवले को बुधवार तड़के मुंबई स्थित गोवंडी के घर से गिरफ्तार किया गया। वहीं एडवोकेट सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन और महेश राऊत को नागपुर और नक्सली समर्थक रोना विल्सन को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। एल्गार परिषद में भड़काऊ भाषण और गीतों के कारण ही दूसरे दिन कोरेगांव भीमा में हिंसा हुई थी, इस आरोप में पुलिस ने शिकंजा कसा है।

गौरतलब है कि 31 दिसंबर को शनिवार वाड़ा के मैदान में ढवले ने एल्गार परिषद का आयोजन किया था। इस परिषद में भड़काऊ भाषण दिए गए। उकसाने वाले गीत गाए गए थे। परिषद में गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी भी शामिल हुए थे। दूसरे दिन यानि कि 1 जनवरी को कोरेगांव भीमा में दो समाज के गुटों में दंगे हुए जिसमें एक युवक की जान गई। पथराव, आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया गया।

दंगे परिषद में दिए गए भड़काऊ भाषण के कारण होने का आरोप लगाया गया। जिस कारण विश्रामबाग पुलिस थाने में परिषद के आयोजक ढवले, मेवानी समेत अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया गया। साथ ही परिषद के आयोजन के पीछे नक्सलियों का सहभाग होने का आरोप भी लगाया जा रहा था। इस मामले में दो महिने पहले पुलिस ने चारों के घर पर छापामार कार्रवाई की थी। लकिन अब पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। हिंसा में चारों शामिल हो सकते हैं, पुलिस को इस बात का संदेह है।

मिलिंद एकबोटे, संभाजी भिड़े को बचाने के लिए पांचों की गिरफ्तारी
एल्गार परिषद के संयोजकों ने बुधवार को आरोप लगाया कि कोरेगांव भीमा हिंसा प्रकरण को लेकर मामला दर्ज हुए मिलिंद एकबोटे तथा संभाजी भिड़े को बचाने के लिए आंदोलन के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इसका विरोध किया जा रहा है। पुलिस ने बिना किसी सबूत के सुधीर ढवले, एडवोकेट गड़लिंग, महेश राऊत, शोमा सेन तथा रोना विल्सन को हिरासत में लिया हैं।

उधर एल्गार परिषद के संयोजक आकाश साबले, ज्योति जगताप, रमेश गायचोर, सिध्दार्थ दिवे, किशोर कांबले, सागर गोरखे, इब्राहम खान ने पत्रकार वार्ता लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रकरण की जांच के लिए आयोग की स्थापना कर उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी, ऐसा कहा था। इस आयोग की रिपोर्ट अब तक मुख्यमंत्री के पास गई नहीं है। ऐसे में कार्रवाई करना उचित नहीं है।