दैनिक भास्कर हिंदी: बंद हो सकता है नागपुर एयरपोर्ट पर बड़े और अंतरराष्ट्रीय विमानों का संचालन

September 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। हाईराइज इमारतें अब एयरपोर्ट के लिए खतरा बनती जा रही है ऐसे में सहयोग नहीं मिला तो नागपुर एयरपोर्ट से कई बड़े और अंतरराष्ट्रीय विमानों का संचालन बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, मनपा और नागपुर सुधार प्रन्यास ने बीते कुछ वक्त में शहर में कई हाईराइज इमारतों के निर्माण को मंजूरी दी है। इसमें कुछ इमारतें तो ऐसी हैं, जो शहर के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्‌डे के बिलकुल समीप हैं। उड्डयन नियमों के मुताबिक एयरपोर्ट के आसपास ऐसी ऊंची इमारतों से एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा हो सकता है, लेकिन प्रशासन ने इस ओर लापरवाही बरती, जिससे अब एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है। ऐसे में इन दिनों एयरपोर्ट का संचालन करने वाली मिहान इंडिया लिमि. (एमआईएल)  की परेशानी बढ़ गई है। एमआईएल ने ऐसी कुल 10 इमारतें चिह्नित की है, जिनकी ऊंचाई निर्धारित मापदंडों से भी ज्यादा है और इनसे एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा हो सकता है। इसे और पुख्ता करने के लिए एमआईएल ने दोबारा सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया है। नए सर्वे में वे टटोलेंगे कि ऐसी और कितनी इमारतें एयरपोर्ट के आसपास हैं, जिनसे उसकी सुरक्षा व्यवस्था को खतरा है।

20 किमी क्षेत्र का होगा सर्वे
सर्वेक्षण कार्य के लिए एमआईएल ने एक निजी कंपनी की सेवाएं ली है। वे एयरपोर्ट के आसपास के 20 किमी क्षेत्र में बनीं ऊंची इमारतों का सर्वेक्षण करके अक्टूबर अंत तक डीजीसीए को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। डीजीसीए इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करेगा।

नहीं माने, तो होगा नुकसान
मुलेकर के अनुसार अगर इतने प्रयासों के बाद भी इमारत प्रबंधकों और प्रशासन की ओर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला, तो अंतिम विकल्प स्वरूप एयरपोर्ट प्रबंधन अपने रन-वे की लंबाई 560 मीटर तक घटा देगा, जिससे एयरबस 320 जैसे बड़े विमान यहां कभी उड़ान नहीं भर सकेंगे। इस दिशा में उन्होंने प्रस्ताव भी तैयार करना शुरू कर दिया है।

पायलटों को होती है परेशानी
ऊंचाई से जुड़ी इस समस्या से पायलट को परेशानी होती है। उन्हें हर बार जमीन से नजदीक होने की वार्निंग मिलती है, जिससे उड़ान में संभ्रम पैदा होता है।  इस मामले में एमआईएल के वरिष्ठ एयरपोर्ट डायरेक्टर वी. एम. मुलेकर ने कहा है कि इस खतरे से निपटने की कार्रवाई शुरू करने के पूर्व वे हाईराइज इमारतों का सर्वे करेंगे। इस दिशा में 10 इमारतों के प्रबंधकों को उन्होंने नोटिस जारी करके इमारतों की ऊंचाई कम करने को कहा है। वे चाहें, तो एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के पास विरोध स्वरूप अपनी अपील दर्ज करा सकते हैं। यह अपील बाद में नागरी उड्डयन संचालनालय (डीजीसीए) को भेजी जाएगी। उनके फैसले के बाद मनपा की मदद से हाईराइज इमारतों की अतिरिक्त ऊंचाई कम करने की कार्रवाई शुरू होगी।

संयुक्त सॉफ्टवेयर सिस्टम तैयार होगा
हाईराइज इमारतों की यह समस्या नागरी उड्डयन विभाग के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन से भी जुड़ी है। इस पर हल निकालने के लिए बुधवार को शहर के वर्धा रोड स्थित एक होटल में कई विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें मनपा, नासुप्र, एनएमआरडीए, क्रेडाई, मेट्रो, आईआईए के अधिकारी-पदाधिकारी शामिल हुए। एएआई संयोजक युधिष्ठिर साहू द्वारा पत्रकारों को दी गई जानकारी के अनुसार फिलहाल नियम है कि एयरपोर्ट के 20 किमी की परिधि में होने वाले किसी भी निर्माण कार्य के लिए एएआई की एनओसी जरूरी है। इसलिए अब वे लोग मिल कर एयरोड्रोम सेफ गार्डिंग ऑटोमेशन सिस्टम लांच कर रहे हैं, जिससे ऊंचाई को मंजूरी देने के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकारे जाएंगे। इसमें स्थानीय प्रशासन की भी अहम भूमिका होगी। इस दिशा में होटल में हुई कार्यशाला में इस नए सिस्टम पर मार्गदर्शन किया गया। एएआई नागपुर डायरेक्टर रोशन कांबले इस दौरान उपस्थित थे।
 

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