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विधान परिषद सीट:  नेता एक्टिव, राजेंद्र मुलक, रवींद्र दरेकर व चारुलता टोकस का नाम सामने आया 

विधान परिषद सीट:  नेता एक्टिव, राजेंद्र मुलक, रवींद्र दरेकर व चारुलता टोकस का नाम सामने आया 

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  विधान परिषद की 12 सीटों के लिए सदस्यों के नामों के मनोनयन के लिए कांग्रेस में नेता सक्रिय हो गए हैं। सिफारिश के लिए विविध गुटों से नाम सामने आने लगे हैं। इन नामों में नागपुर से राजेंद्र मुलक, गड़चिरोली से रवींद्र दरेकर व वर्धा से चारुलता टोकस का नाम आगे बढ़ाया गया है, हालांकि वरिष्ठ नेता अभी चुप्पी साधे हुए हैं।

सत्ताधारी पार्टी का अधिक प्रभाव
12 सीटों के लिए नामों का मनोनयन राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी करेंगे। इसके लिए राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश आवश्यक है। महाविकास आघाड़ी में शिवसेना, कांग्रेस व राकांपा प्रमुख दल हैं। इन दलों से 4-4 नामों की सिफारिश की जा सकती है। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार कला, खेल, संस्कृति व अन्य क्षेत्र से प्रतिनिधि चुने जाते हैं। पिछले वर्षों में देखा गया है कि इन विशेषताओं का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सदस्य मनोनयन में सत्ताधारी राजनीतिक दल का हित अधिक प्रभावी दिखता है। शिवसेना में सदस्य चुनने का सर्वाधिकार पार्टी प्रमुख के पास रहता है। लिहाजा शिवसेना में फिलहाल किसी के नाम का आवेदन सामने नहीं आ रहा है, लेकिन कांग्रेस व राकांपा में नामों की सूची बढ़ती जा रही है। कांग्रेस में 146 व राकांपा में 50 नामों के आवेदन आने की खबर है।

विदर्भ से भेजे गए नामों पर जोर
दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस में विदर्भ से भेजे गए नामों पर अधिक जोर दिया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, राजेंद्र मुलक का नाम आगे बढ़ा रहे हैं। चव्हाण के नेतृत्व की सरकार में मुलक राज्यमंत्री रहे हैं। वे शिक्षा क्षेत्र से भी जुड़े हैं। कांग्रेस में दूसरे नाम की प्रमुखता से चर्चा रवींद्र दरेकर की है। दरेकर गड़चिरोली में युवक कांग्रेस के नेता रहे हैं। फिलहाल अमरावती के कांग्रेस प्रभारी हैं। उन्होंने नागपुर में भी संगठन कार्य किया है। ऊर्जा मंत्री डॉ. नितीन राऊत की ओर से उनका नाम आगे करने की खबर है। इनके अलाव कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष चारुलता टोकस, पूर्व विधायक आशीष देशमुख के नाम भी कांग्रेस के आवेदकों में शामिल हैं। राकांपा में प्रदेश प्रवक्त महेश तपासे व महिला नेता रुपाली चाकणकर का नाम प्रमुखता से सामने आया है।
 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।