दैनिक भास्कर हिंदी: जहर देकर किया तेंदुआ का शिकार , मास्टरमाइंड व सहयोगी गिरफ्तार

March 16th, 2019

डिजिटल डेस्क,सिंगरौली(वैढन)। वन परिक्षेत्र गोरबी के रामगढ़ बीट के कठौता नाले के पास तेंदुये के शिकार में तस्करों द्वारा नई तरकीब इजाद करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। तस्करों ने पहले गाय के मर चुके बछड़े पर जहर का लेप लगाकर तेंदुआ के भ्रमण क्षेत्र में डालकर ललचाया, ताकि वह बछड़े को खाये। मास्टरमाइंड तस्करों द्वारा बनाई गई योजना सफल भी हो गई। तेंदुए ने बछड़े का मांस खाया, जिससे वह भी जहर के प्रभाव में आ गया। हालांकि जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम ने तेंदुआ को उपचार उपलब्ध कराया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इस वारदात के पीछे तेंदुये की खाल, नाखून और दांत की तस्करी से तार जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि तेंदुआ का मांस जहरीला होने से दावत उड़ाने की गुंजाइश समाप्त हो जाती है। इस सिलसिले में फारेस्ट विभाग की टीम ने अपराध में प्रयुक्त जहरीले पदार्थ को जब्त कर लिया है। वन विभाग की टीम ने दोनो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे बनाई थी योजना
यह वारदात कठौता नाले के पास की है। फारेस्ट अफसरों के मुताबिक सहीदुद्दीन पिता अब्दुल बक्स ने अपने दामाद शहादत अली के साथ मिलकर शिकार के लिये शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया था। शिकारियों ने बछड़े की मौत पर उसके शव पर जहरीला पदार्थ का घोल लगाकर तेंदुआ को शिकार बनाया है। वन अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ द्वारा बछड़े के मांस का सेवन करने से वह बदहवास होकर नाले के पास गिर गया था। फारेस्ट की टीम ने मादा तेंदुये का जीवित अवस्था में रेस्क्यू कर उसका उपचार कराया। उपचार के दौरान  उसकी मौत हो गई। मृत तेंदुये का शव संजय टाइगर रिजर्व भेजकर वन्यप्राणी विशेषज्ञ से पीएम कराया गया। पीएम में जहरखुरानी की जानकारी सामने आने के बाद फारेस्ट अमले ने वन अपराध प्रकरण कायम किया।
पूछताछ में हुआ मौत का खुलासा
तेंदुआ की मौत के बाद फारेस्ट की 15 सदस्यीय टीम ने संदेह के आधार पर शिकारियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। टीम की पूछताछ में शिकारियों द्वारा मृत बछड़े के शव में जहरीला पदार्थ डालने का जुर्म काबूल कर लिया। तेंदुये के शिकार के आरोप में फारेस्ट की टीम ने वन अधिनियम की विभिन्न अपराध धाराओं के तहत मामला दर्ज कर ससुर और दमाद को गिरफ्तार किया। शिकारियों को गिरफ्तार कर अमले ने देवसर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने अपराध की गंभीर प्रकृति के मद्देनजर आरोपियों न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई में एसडीओ व्हीपी सिंह, रेंजर आरएस पटेल, आरके मिश्रा, डीपी प्रजापति, शैलेन्द्र मिश्रा समेत वन अमला शामिल रहा।