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नवोदय स्कूल के आसपास घूम रहा तेंदुआ, 560 बच्चों सहित स्टाफ पर खतरा

August 20th, 2018 17:13 IST
नवोदय स्कूल के आसपास घूम रहा तेंदुआ, 560 बच्चों सहित स्टाफ पर खतरा

डिजिटल डेस्क, नौगांव। नगर के छतरपुर मार्ग में बने नवोदय स्कूल में पिछले सात दिन से बच्चों सहित यहां रहने वाला स्टाफ दहशत में है। स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरा में परिसर के भीतर तेंदुआ होने की झलक मिल रही है। नाइट ड्यूटी करने वाले सुरक्षा गार्डों द्वारा भी तेंदुआ या टाइगर जैसे किसी जानवर के होने की पुष्टि की है। इस बात की जानकारी स्कूल प्रबंधन द्वारा स्थानीय रेंजर से लेकर डीएफओ तक को दे दी है इसके बाद भी वन विभाग मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

CCTV कैमरे में दर्ज हुई लोकेशन
नवोदय स्कूल में पिछले सात दिन से तेंदुआ होने की खबर मिल रही है। इस बात की पुष्टि स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरा के फुटेज से होती है। इसके साथ ही यहां पर रोजाना पदमार्क भी मिल रहे हैं। तेंदुआ के होने की पुष्टि जैसे ही CCTV कैमरा फुटेज से हुई तो स्कूल में अध्ययनरत 560 बच्चों सहित यहां रहने वाले स्टाफ और उनके परिजन बेहद दहशत में हैं। स्कूल में पदस्थ अकाउंटेंट अभिषेक दीक्षित बताते हैं कि पहले तो मामले को हल्के से लिया गया, लेकिन जैसे ही CCTV कैमरा में फुटेज मिले और रोजाना सुबह मिलने वाले पदमार्क के कारण अब यहां रहने वाला प्रत्येक बच्चा और स्टाफ व उनके परिजन बेहद दहशत में हैं।

चूंकि स्कूल परिसर के पीछे पहाड़ी है और आसपास घने पेेड़ हैं इस कारण तेंदुआ होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। आसपास कोई बस्ती न होने के कारण शाम ढलते ही यहां पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है। चूंकि 560 बच्चे यहां आवासीय शिक्षा ले रहे हैं इस कारण रात साढ़े 8 बजे तक मैस में उन्हें खाना खाने के लिए अपने कमरों से बाहर आना होता है। साथ ही बच्चे परिसर में चलकर ही अपने कमरों तक पहुंचते हैं। इस कारण मैस से खाना खाकर जब वे रात में कमरों तक पहुंचते हैं तो काफी भयभीत होते हैं।

सुरक्षा गार्डों ने भी देखी हलचल
स्कूल परिसर में तेंदुआ होने की पुष्टि न केवल CCTV कैमरा से हो रही है बल्कि यहां नाइट ड्यूटी करने वाले सुरक्षा गार्डों द्वारा भी इस बात की पुष्टि की जा रही है कि रात में तेंदुआ या टाइगर प्रजाति का कोई जानवर परिसर में घूमता है। गुरुवार की रात जब नाइट सुरक्षा गार्ड द्वारा तेंदुआ को देखा तो उसने शोर मचाकर सभी को सावधान किया है। यह पिछले सात दिन से चल रहा है, इसके बाद भी न तो वन विभाग का कोई कर्मचारी यहां पहुंचा है और न ही यहां पर किसी प्रकार के सुरक्षा के उपाय किए गए हैं।

रेंजर से लेकर डीएफओ को लिखा पत्र
प्राचार्य सुधीर रंजन साहू ने बताया कि स्कूल परिसर में तेंदुआ या अन्य किसी खुंखार जानवर होने की सूचना उन्होंने करीब सात दिन पहले स्थानीय रेंजर को दी थी। रेंजर श्री बादल द्वारा तर्क दिया गया कि लकड़बग्घा होगा। तेंदुआ कहां से आया। इसके बाद न तो उन्होंने स्कूल परिसर में आना जरूरी समझा और न ही किसी कर्मचारी को यहां भेजा है। गुरुवार को स्कूल प्रबंधन ने डीएफओ को पत्र लिखा है लेकिन डीएफओ द्वारा भी इस ओर कोई खास पहल नहीं की गई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।