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अपने बेटे को पटक-पटक कर मौत के घाट उतारने वाले को आजीवन कारावास

अपने बेटे को पटक-पटक कर मौत के घाट उतारने वाले को आजीवन कारावास

डिजिटल डेस्क, शहडोल। अपने  बेटे को पटक-पटक कर निर्दयता पूर्वक मौत के घाट उतारने वाले वहशी पिता को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश ब्यौहारी द्वारा मंगलवार को सुनाए गए गए फैसले में रामकलेश उर्फ भीसम कोल 36 वर्ष पिता भीमसेन कोल निवासी ग्राम आखेटपुर थाना ब्यौहारी को भादवि की धारा 302 में आजीवन कारावास व एक हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

पत्नी के साथ हुआ था झगड़ा 
अभियोजन के अनुसार यह घटना 28 मई 2015 के रात्रि की है। फरियादी रानी कोल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह रात्रि में खाना खाकर अपने बच्चों के साथ घर के अंदर जमीन पर सोई थी। उसका पति रामकलेश बाहर आंगन में सोया था। रात्रि करीब एक बजे अंदर आया और बच्चों के साथ सो रही पत्नी के मुंह पर लात मारते हुए बोला कि मैं बाहर सो रहा हूं, तू अंदर सो रही है। किसी और को बुलाई है क्या। पत्नी को बर्तन लाने के लिए भेजकर कहा कि यह बच्चा मेरा नहीं है, इसे मौत की नीद सुला देता हूं। इतना कहकर तीन साल के शंकर को सोते से उठाया और दो बार सिर के बल पटक दिया। यह देखकर उसकी पत्नी बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन तब तक मासूम बेहोश हो चुका था।

नहीं ले जाने दिया अस्पताल 
घायल बच्चे को लेकर मां इलाज के उद्देश्य से बाहर जाने लगी तो पति ने रोक लिया और बोला कि आज किसी को जिंदा नहीं छोड़ूंगा, कुल्हाड़ी लेकर दरवाजे के पास बैठ गया। डरी सहमी मां बेहोश बच्चे को लेकर रात भर कमरे में रोती रही। सुबह रोने की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाली जग्गुबाई आई और बोली कि बच्चे की सांस चल रही है, इसे लेकर अस्पताल चलते हैं, लेकिन निर्दयी बाप नहीं ले जाने दिया। करीब 10 बजे सुबह बच्चे ने दम तोड़ दिया।इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई । पुलिस ने  रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरांत पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। जहां से विचारण के बाद सजा सुनाई गई। प्रकरण में अभियोजन की ओर से बसंत कुमार जैन अपर लोक अभियोजक ब्यौहारी द्वारा सशक्त पैरवी की गई।

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