उम्मीद: अमरावती में कार्गो एयरपोर्ट बना तो लॉजिस्टिक को होगा दोगुना लाभ 

February 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, अमरावती।  फिलहाल अमरावती शहर में भले ही हवाई यातायात व हवाई माल ढुलाई की कोई व्यवस्था नहीं है, लेकिन अगर अमरावती शहर में कार्गो हब जैसी कोई व्यवस्था की जाती है तो देश विदेश की लॉजिस्टिक कंपनियों को दोगुना फायदा होगा। इस तरह की रिपोर्ट राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक कंट्रोल विभाग द्वारा तैयार की गई है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल विभाग के अनुसार अमरावती शहर के ऊपर से रोजाना 131 कार्गो विमान गुजरते हैं। इसके साथ ही 38 यात्री विमान अमरावती के हवाई मार्ग से होकर अपनी यात्रा तय करते हैं। विभाग के मुताबिक अमरावती शहर के हवाई मार्ग से गुजरने वाले 131 कार्गो विमानों में से 87 विमान अंतरराष्ट्रीय होते हैं। जबकि 53 विमान राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई से जुड़े हैं। इन विमानों को अगर अमरावती में रुकने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है तो कई कंपनियों को हवाई मार्ग से ढुलाई के दोहरे खर्च से राहत मिलेगी।

 अमरावती में सड़क परिवहन व रेल यातायात उपलब्ध होने से माल ढुलाई की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकता है। फिलहाल राज्य में बड़े लॉजिस्टिक विमान पुणे, मुंबई और नाशिक जैसे शहरों में उतारे जाते हैं। अमरावती में यह सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय स्तर पर उद्योगों को भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा। इसी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि, अमरावती के हवाई मार्ग से गुजरने वाले 38 यात्री विमानों में से कम से कम 14 विमान ऐसे हैं,  जिन्हें अमरावती में रोका जा सकता है। इन विमानों में इंडोनिशिया से साउदी अरब की ओर जानेवाले विमान शामिल हैं। जबकि कोलकाता-मुंबई, कोची-मुंबई, कोलकाता-अहमदाबाद चलने वाले विमान भी अमरावती से होकर गुजरते हैं। 

अप्रैल से दिसंबर 2021 तक का किया गया अध्ययन
एयर ट्रैफिक कंट्रोल विभाग द्वारा आईआईटी कोल्हापुर के साथ मिलकर यह अध्ययन किया गया है। जिसमें आईआईटी के 43 छात्रों ने सहभाग लिया। जबकि एयर ट्रैफिक विभाग के महाराष्ट्र जोन से जुड़े 18 अधिकारी इसमें शामिल थे।

दोे कार्गो तथा तीन छोटे रनवे बनाने की सिफारिश 
एयर ट्रैफिक कंट्रोल विभाग की ओर से कहा गया है कि, भविष्य में महानगरों में हवाई यातायात के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए अमरावती शहर में दो बड़े रनवे बनाने की आवश्यकता है। जिन पर कार्गो विमान लैंड और टेकऑफ कर सके। जबकि यात्री विमानों के लिए तीन रनवे बनाए जा सकते हैं।

विदर्भ में आर्थिक क्रांति का बिंदु
विदर्भ से बड़ी मात्रा में माल ढुलाई होती है। यहां का कच्चा माल देश के साथ विदेशों में भी भेजा जाता है। विशेष कर पश्चिम विदर्भ पिछड़ा होने के बावजूद उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराने में सबसे अागे है। यदि इस रिपोर्ट पर आगे केंद्र या राज्य सरकार द्वारा काम किया जाता है तो यह योजना विदर्भ में आर्थिक क्रांति का बिंदु बन सकती है। इससे उद्योगों में भी नई ऊर्जा का संचार होगा।  - संजय घोदावाट, अधीक्षक, आईआईटी, कोल्हापुर