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खजुराहो संसदीय क्षेत्र,खिरवाखुर्द और पटना में मतदान का बहिष्कार

May 06th, 2019 14:33 IST
खजुराहो संसदीय क्षेत्र,खिरवाखुर्द और पटना में मतदान का बहिष्कार

डिजिटल डेस्क,कटनी। खजुराहो संसदीय क्षेत्र के कटनी जिले के बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के पटना में सिंचाई जलाशय की मांग को लेकर लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। यहां सुबह 11 बजे तक मात्र चार वोट पड़े थे। इसी तरह विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के खिरवाखुर्द में भी ग्रामीण मतदान करने तैयार नहीं हुए। यहां 11 बजे तक मात्र 15 वोट पड़े थे। जबकि अंडरब्रिज की समस्या को लेकर मतदान का बहिष्कार करने वाले बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के पटौंहा के लोग प्रशासन की समझाइश पर मान गए और सुबह से ही उत्साहपूर्वक मतदान कर रहे हैं।

नाव से पहुंचा था मतदान दल
विजयराघवढ़ विधानसभा क्षेत्र के खिरवाखुर्द में रविवार को नाव से मतदान दल पहुंचा था। 490 मतदाताओं वाले खिरवाखुर्द के ग्रामीणों ने रोड की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी थी। ग्राम पंचायत के सचिव विनय मिश्रा ने बताया कि सुबह 11 बजे तक मात्र 15 लोग मतदान करने पहुंचे। पानी की समस्या को लेकर ग्राम पंचायत गढ़ा मैं मतदान का बहिष्कार किया गया। 

पानी की विकराल समस्या 
गुलगंज-बिजावर तहसील मैं ग्राम पंचायत गढ़ा में पानी की विकराल समस्या को देखते हुए गढ़ा की जनता ने मतदान का बहिष्कार किया जहां 850 वोटों में 12:00 बजे के करीब मात्र 8 लोगों ने ही मतदान किया जबकि पूरी जनता पानी की विकराल समस्या को लेकर कोई बड़े अधिकारी के आश्वासन के बाद वोट डालने का मन बनाए हैं ।  यहां कि सेक्टर प्रभारी वन संरक्षण अधिकारी कल्पना तिवारी बिजावर ने भी आश्वासन दिया और इसके बाद पी एच के अधिकारी महेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद भी जनता वोट डालने नहीं पहुंची।  इस गांव में जिला पंचायत सदस्य दिनेश यादव और पंचायत सरपंच राम सिंह के समझाने पर जनता ने ठोस आश्वासन की बात की जिससे पानी की समस्या हल हो सके।  लोगों ने बताया कि यहां करीब एक सैकड़ा बोर हो चुके हैं लेकिन पानी ना होने के कारण पूरे बोर सूखे पड़े हैं। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।