दैनिक भास्कर हिंदी: लुटेरों के बीच फंसा युवक मांगता रहा मदद, फिर भी नहीं रुके लोग, पकड़े गए लुटेरे

July 20th, 2018

डिजिटल डेस्क,  जबलपुर। सुनसान गली या कॉलोनी में लूटपाट होना आम बात है, लेकिन शास्त्री ब्रिज जैसी रात दिन चलने वाली सड़क पर सरेआम किसी को लूट लिया जाए ये तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। उससे ज्यादा शर्मसार बात उन लोगों के लिए है, जिनसे लूट के दौरान पीड़ित युवक हाथ जोड़कर मदद मांगता रहा, लेकिन किसी ने मदद तो दूर रुकना तक ठीक नहीं समझा।

बहरहाल किसी तरह पीड़ित युवक थाने पहुंचा और पुलिस को घटना के साथ लुटेरों का हुलिया बताया। जिसके बाद दो सिपाहियों की सूझबूझ से बदमाशों को पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी नशा करने के आदी हैं, जो अपनी लत को पूरा करने लिए रेलवे के किनारे आउटर और मजदूर किस्म के पैदल चलने वालों को टागरेट करते थे। मदन महल थाना प्रभारी प्रीति तिवारी ने बताया कि महानद्दा निवासी रोहित बर्मन रद्दी चौकी स्थित विजय स्टील यार्ड में काम करता है। बुधवार की रात साढ़े 11 बजे रोहित काम से लौटकर घर जा रहा था, लेकिन शास्त्री ब्रिज पर उसे 2 युवकों ने रोककर धमकी दी कि जो पैसा है वो हमारे हवाले कर दो वरना ब्रिज से नीचे फेंक देंगे। दोनों युवक लाल टी शर्ट पहने थे, जिनकी बांहों में टैटू बने हुए थे।

एक युवक ने जेब में हाथ डालकर उसका पर्स निकाल लिया, पर्स में 800 रुपए, आधार कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस भी था। बाइक सवारों से मांगी मदद - रोहित ने पुलिस को बताया कि जिस समय बदमाश उसके साथ मारपीट कर रहे थे, तब ब्रिज से गुजरने वाले कई राहगीरों से उसने हाथ जोड़कर चिल्लाते हुए मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं रुका। जिसके बाद लुटेरे छोटी लाइन की तरफ भाग गए।

मदन महल स्टेशन के बाहर मिल गए बदमाश 
टीआई तिवारी के अनुसार रोहित की सूचना पर आरक्षक अरुण और संदीप तत्काल मदन महल रेलवे ट्रैक के रास्ते से मदन महल स्टेशन के बाहर पहुंचे, जहां दोनों बदमाश पुलिस को देखते ही भागने लगे, लेकिन अरुण और संदीप ने उन्हें पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी छोटी लाइन फुटपाथ किनारे रहने वाले राजेन्द्र कुमार पैंड्रो और सगड़ा बरगी निवासी अमित पटेल हैं, जिनके कब्जे से लूट के पैसे और पर्स बरामद कर लिया गया। टीआई तिवारी के अनुसार आरक्षक अरुण और संदीप को एसपी अमित सिंह ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।