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युवक-युवती ने जहर खाकर दी जान, मामला प्रेम प्रसंग का

युवक-युवती ने जहर खाकर दी जान, मामला प्रेम प्रसंग का

डिजिटल डेस्क, दमोह। एक युवक व युवती द्वारा जहर खाकर जान देने का मामला सामने आया है।  जिले के नोहटा थाना क्षेत्र में  प्रेमी युगल ने प्रेम संबंधों के चलते जहर खाकर एक साथ जान दे दी। युवती का बुधवार को मंडप था,  लेकिन उसी दिन जहर खाकर जान दे दी। बुधवार रात 10 बजे दोनों ने जहर खाकर जान दी। एक की अस्पताल में तो दूसरे की गांव में ही जहर खाने से मौत हो गई। 
 

यह है मामला 
घटना को लेकर नोहटा थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी ने बताया है कि छोटी कटंगी गांव निवासी अमित पुरोहित पिता द्वारका प्रसाद पुरोहित (18) निवासी छोटी कटंगी को जहरीला पदार्थ खाने पर जिला अस्पताल लाया गया था जहां पर उसकी मौत हो गई। इसके अलावा छोटी कटंगी गांव में ही ज्योति लोधी पुत्री जाहर सिंह लोधी (18) ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया। जिसकी गांव में ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच में लिया है।

शुक्रवार को होना थी ज्योति की शादी
मामले में मृतक अमित पुरोहित के पिता द्वारका पुरोहित ने बताया है कि उन्हें पता नहीं चल सका था की ज्योति और अमित एक दूसरे से बात करते हैं। उन्होंने कभी इस तरह का कोई जिक्र भी नहीं किया। उनके ज्योति के परिवार वालों से घरेलू संबंध थे। ज्योति की कहीं शादी तय होने के बाद बुधवार को ज्योति का मंडप था और शुक्रवार को उसकी शादी होना थी। लेकिन इसी बीच मंडप के दिन बुधवार को दोनों ने कब कैसे जहर खा लिया किसी को भी पता नहीं लगा। वह अपने बेटे अमित को बुधवार रात करीब 10 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां इलाज के दौरान अमित की मौत हो गई। ज्योति लोधी की गांव में ही रात करीब 10 बजे मौत हो गई। 

दोनों परिवारों के बीच थे अच्छे संबंध
नोहटा थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है मामला प्रेम प्रसंग का हो सकता है , लेकिन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। लोग बताते हैंं कि वह एक दूसरे से इतना प्यार करते थे कि साथ जीने और मरने के लिए तैयार थे। दोनों परिवारों का इतना घरेलू संबंध था कि वह चाहकर भी अपने प्रेम की कहानी नहीं कह पा रहे थे। यही कारण है कि युवती चुपचाप रही और उसकी शादी पक्की होने के बाद बुधवार को मंडप सजने के बाद उसे हल्दी चढऩे लगी थी। लेकिन वह अमित को भुला नहीं पा रही थी यही कशिश अमित में भी थी। परिवार को अपने प्रेम की कहानी बताने से अच्छा दोनों ने जहर खाकर जान देना ही उचित समझा। और एक साथ जहर खाकर जान दे दी।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।