दैनिक भास्कर हिंदी: मंदसौर में राहुल की सभा पर मंत्री विश्वास सारंग ने ली चुटकी, कहा-माहौल बिगड़ने आए थे

June 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। किसान गोलीकांड की पहली बरसी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंदसौर में किसानों को संबोधित किया। इस पर भारतीय जनता पार्टी के नेता और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने किसानों के सामने आधारहीन, तथ्यहीन आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। विश्वास सारंग ने कहा, 'किसान हित की बात राहुल के मुहं से किसानों के साथ क्रूर मजाक लगता है, क्योंकि देश की जनता जानती है कि यूपीए सरकार के दौर में जब सरकार का रिमोट कंट्रोल 10 जनपथ के पास था, किसानों की जमीनों पर अतिक्रमण और लूट राहुल गांधी के जीजाजी रोबर्ट वाड्रा ने ही की थी।

सहकारिता मंत्री ने कहा, 'मौत किसी की भी हो दुखदायी और त्रासद होती है, लेकिन किसानों की आत्महत्याओं पर जिस तरह राहुल गांधी ने झूठ बोलकर लाशों पर राजनीति की उसे उचित नहीं कहा जा सकता।' उन्होने कहा, मध्यप्रदेश में शिवराजसिंह चौहान सरकार ने किसानों की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त किया है। उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन का रिकार्ड बना है। कृषि विकास पर जो कांग्रेस के दौर में 3, 4 प्रतिशत था आज 19 प्रतिशत पर पहुंची है।'

सारंग ने मध्यप्रदेश में तत्कालीन कांग्रेस शासन में किसान आत्महत्याओं के आंकड़े का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी गलत बयानी करके जबरन ठीकरा भाजपा सरकार पर फोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जो अनुचित है।' राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप न्याय संगत नहीं हैं।' उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने एप्पल का मोबाइल सभा मंच से दिखाते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर मंदसौर में एप्पल का उत्पादन एप्पल मेड इन मंदसौर होगा। दस दिन में कर्ज माफी कर दी जायेगी, राहुल गांधी बताएं कि अमेठी का वे लंबे समय से प्रतिनिधित्व कर रहे है। क्या एक भी उत्पाद वहां उत्पादन में आया है, नहीं।

विश्वास सारंग ने कहा कि, 'राहुल गांधी की गलत बयानी की मंशा मध्यप्रदेश में माहौल बिगाड़ना था, लेकिन जो कांग्रेस अपने वालों को ही मंच पर अपमानित करती रही उससे जनता भ्रमित होने वाली नहीं है।' वरिष्ठ आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया को मंच पर अपमानित किया गया।' सांरग ने कहा कि कर्ज माफी का तर्क कृषि विज्ञानिकों और अर्थशास्त्रियों के गले नहीं उतर रहा है। ऐसे में कृषि उन्नयन, किसान सशक्तिकरण के जो प्रयास भाजपा सरकार कर रही है वे प्रासंगिक और पर्याप्त है।'