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भोपाल: स्वास्थ्य विभाग के 40 से ज्यादा कर्मचारी 'कोरोना' पॉजिटिव, कई डॉक्टर और नर्स भी शामिल

भोपाल: स्वास्थ्य विभाग के 40 से ज्यादा कर्मचारी 'कोरोना' पॉजिटिव, कई डॉक्टर और नर्स भी शामिल

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोनावायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। हैरान करने वाली बात ये है कि इसका सबसे ज्यादा असर कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों,नर्स और अस्पताल के अन्य स्टॉफ में देखने को मिल रहा है। भोपाल में आज (बुधवार) दोपहर 2 बजे तक मिले आंकड़ों के मुताबिक 93 मरीज कोविड-19 से संक्रमित है। जिनमें 40 से ज्यादा स्वास्थकर्मी हैं। जिनमें दो आईएएस अधिकारी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, पल्लवी जैन-गोविल, और स्वास्थ्य निगम के एमडी जे. विजय कुमार भी हैं, इनके अलावा विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ वीना सिन्हा भी संक्रमित हैं।

बता दें कि भोपाल संभवतः देश में पहला शहर है जहां कोरोना से लड़ने वाले ही कोरोना के कैरियर बन गये हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से महकमे और सरकार दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं। विभाग संक्रमित कर्मचारियों की कांटेक्ट हिस्ट्री खंगालने में लग गया है। राजधानी में अब तक 85 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के भी संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इन सभी को आइसोलशन में रखा गया है।

स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने कहा है कि स्वास्थ्य संचालनालय में अधिकारियों-कर्मचारियों के बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण से प्रभावित होने के कारणों की जांच की जा रही है। उनकी कांटेक्ट हिस्ट्री की पड़ताल करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिये गये हैं। निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार जानकारी प्राप्त होने पर ही आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

फैज अहमद किदवई ने बताया कि परस्पर सम्पर्क से ही कोरोना संक्रमण का विस्तार होता है। इसलिए प्रभावित व्यक्ति किन लोगों से किस क्रम में मिले और यह कहां से आरंभ हुआ, इसकी ट्रेसिंग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना होगा कि स्वास्थ्य संचालनालय में यह कहां से शुरू हुआ। जब तक संबंधित व्यक्ति स्वयं के सम्पकोर्ं के क्रम का ब्यौरा (कांटेक्ट हिस्ट्री) नहीं देंगे, तब तक निश्चित रूप से कुछ कह पाना कठिन है। किदवई ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर जो प्रोटोकॉल है उसके मुताबिक जिला प्रशासन जानकारी एकत्र कर रहा है। इसके बाद ही जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्यवाही की जा सकेगी।

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