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महाराजबाग जू अलर्ट, पक्षियों पर रखा जा रहा खास ध्यान

महाराजबाग जू अलर्ट, पक्षियों पर रखा जा रहा खास ध्यान

डिजिटल डेस्क, नागपुर। देश में बर्ड फ्लू की खबरें सामने आ रही है। जिसे लेकर जू ऑथॉरिटी भी सकते में है। हाल ही में नागपुर जिले के कोंढाली में सैकड़ों पक्षियों की मौत एक साथ होने से महाराजबाग जू भी अलर्ट पर है। यहां रहनेवाली पक्षियों का खास ध्यान रखा जा रहा है। दिनभर दवाइयों का छिड़काव से लेकर ऑब्जर्रवेशन शुरू है। वहीं यदि कोई पक्षी अनकॉन्शस दिखे तो तुरंत उसे बाकी पक्षियों से अलग कर ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।

शहर का महाराजबाग न केवल शहरवासियों के लिए बल्कि पूरे जिले व दूसरे शहर के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। यहां प्रति दिन बड़ी संख्या में सैलानी घूमने आते हैं। बाघ, तेंदुए, भालू के साथ हिरण, नीलगाय जैसे वन्यजीवों को यहां पिंजरे में रखा  गया है। कोरोना संक्रमण के डर के कारण गत 15 दिन पहले तक इसे बंद रखा गया था। ताकि किसी भी तरह का संक्रमण न फैले । वहीं वन्यजीव भी सुरक्षित रह सके। लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर हालही में इसे सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। लेकिन अब इस पर बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है। देश के हिमाचल प्रदेश में एच 5 एन1, राजस्थान में एच5 एन8 पक्षियों में पाया गया है। जिनसे उनकी मौत हो गई है। ऐसे में जू ऑथॉरिटी भी सतर्क हो गई है।

नागपुर के महाराजबाग में तोते से लेकर कबूतर व अन्य दुर्लभ प्रजाति के पक्षी मौजूद है। हालांकि अभी तक राज्य में इस तरह का संक्रमित कोई पक्षी नहीं पाये जाने से राहत थी। लेकिन 2 दिन पहले ही कोंढाली परिसर में एकाकी सैकड़ों पक्षियों की अचानक मौत हुई है। जिससे नागपुर जिले तक भी बर्ड फ्लू की आशंका दिख रही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब महाराजबाग प्रशासन भी सतर्क हो गया है। खासकर पिंजरों में कैद पक्षियों को देखने आनेवालों को नियम का पालन करते हुए पिंजरे तक आना पड़ रहा है। वही दिनभर पशु चिकित्सक इन पक्षियों पर निगरानी रखे हैं। किसी भी तरह कोई पक्षी अनकॉनशिस दिखने पर तुरंत उसे पिंजरे से बाहर निकाला जा रहा है। प्रभारी डॉ. एस बावस्कर ने बताया कि, बर्ड फ्लू के खतरे को भांपते हुए व्यवस्था को अलर्ट पर रख दिया है। दिनभर पक्षियों का ऑब्जरर्वेशन किया जा रहा है। वहीं परिसर में आनेवाले पक्षियों पर भी नजर रखी जा रही है। ताकि किसी भी तरह कुछ अलग दिखने पर तुरंत उपाय योजना शुरू की जा सके। जू में रखे पक्षियों को विशेषज्ञों के माध्यम से प्राथमिक तौर पर देखरेख की जा रही है।
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।