दैनिक भास्कर हिंदी: मनरेगा के तहत उत्कृष्ट कार्यो के लिए महाराष्ट्र को मिले चार पुरस्कार

September 11th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत उत्कृष्ट कार्यो के लिए महाराष्ट्र को विभिन्न श्रेणी में चार पुरस्कार प्रदान किए गए। यह पुरस्कार केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के हाथों दिए गए। यहां विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में मनरेगा के तहत उल्लेखनीय कार्य करने के लिए विभिन्न श्रेणी में कुल 237 पुरस्कार प्रदान किए गए। इसमें प्रदेश को जिन चार श्रेणियों में पुरस्कार मिले, उनमें राज्य, जिला, ग्रामपंचायत और पोस्ट ऑफिस शामिल है। राज्य में मनरेगा के तहत बेहतरीन कार्य करने के लिए अव्वल रहे गडचिरोली जिले को सम्मानित किया गया। जिला अधिकारी शेखर सिंह, उपायुक्त के एन राव, रोजगार गारंटी आयुक्त तथा पूर्व जिलाधिकारी ए एस नाईक, उप मुख्यकार्यकारी अधिकारी जयंत बहरे, बीडीओ एस पी पडघन ने यह पुरस्कार स्वीकार किया।

इस दौरान मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के गडचिरोली ब्लॉक की नागरी ग्रामपंचायत को भी पुरस्कृत किया गया। सरपंच अजय मशाखेत्री और ग्रामसेवक राकेश शिवणकर ने पुरस्कार स्वीकृत किया। जिले में वर्ष 2016-17 में जिले में 8894 कामों की शुरुआत हुई। दो साल में 39.12 लाख मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराए गए। इस दौरान जिले में खेत तालाब, सिंचाई कुएं, वर्मी कंपोस्ट आदि के 6750 काम पूरे किए गए। राज्य सरकार की जलयुक्त शिवार और किसान की मांग पर खेतों में तालाब के लिए शुरु की गई ‘मागेल त्याला शेततळे’ योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए सरकार के रोजगार गारंटी विभाग को भी पुरस्कृत किया गया।

पुरस्कार विभाग के आयुक्त ए एस आर नाईक, रोहयो उप सचिव प्रमोद शिंदे और कमलकिशोर ने स्वीकार किया। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि इन दो योजनाओं के क्रियान्वयन से बडे पैमाने पर रोजगार की निर्मिती हुई है।

ठाणे जिले के खुटाघर के ग्राम डाकसेवक नुतन प्रकाश ने मनरेगा में काम करने वाले 300 मजदूरों को 7 लाख रुपये वितरित किए है। इस कार्य के लिए उन्हे सम्मानित किया गया। इसके अलावा मनरेगा के तहत दिनदाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास आधारित योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पुणे की एमपीटीए शिक्षा संस्थान को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। संस्थान के प्रबंध निदेशक सदानंद देशपांडे, उपाध्यक्ष अमोल वैद्य तथा निदेशक प्रसाद कराडकर ने पुरस्कार स्वीकार किया।
 

खबरें और भी हैं...