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पहले परप्रांतियों को लेकर भूमिका बदले मनसेः पाटील

पहले परप्रांतियों को लेकर भूमिका बदले मनसेः पाटील

डिजिटल डेस्क, नागपुर। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने कहा कि जब तक मनसे परप्रांतियों को लेकर अपनी भूमिका नहीं बदलती है तब तक भाजपा का मनसे के साथ गठबंधन नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से रोजगार के लिए महाराष्ट्र में आए लोगों का विरोध और मारपीट भाजपा को स्वीकार नहीं है।  सोमवार को पुणे में पत्रकारों से बातचीत में पाटील ने कहा कि परप्रांतियों को लेकर भूमिका बदलने का मतलब हम यह नहीं कह रहे हैं कि स्थानीय लोगों को नौकरी न दिया जाए।

 राज्य में 80 प्रतिशत भूमिपूत्रों को रोजगार देने का कानून है। इसलिए इस बारे में नई मांग करने का मतलब नहीं है। मनसे का परप्रांतियों को लेकर आखिर किस बात का विरोध है? परप्रांतियों के टैक्सी और रिक्शा चलाने का विरोध है या फिर उनके धंधा करने का विरोध है। अगर ऐसा है कि देश के हर राज्य में मराठी भाषी है। मध्यप्रदेश के जबलपुर और इंदौर में एक-एक लाख मराठीभाषी हैं। पूरा भारत देश एक है। दूसरे राज्यों से पेट भरने के लिए आने वाले लोगों का विरोध करना और उनसे मारपीट करना भाजपा को स्वीकार नहीं है। भाजपा राष्ट्रीय दल है। पाटील ने कहा कि मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से गठबंधन को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। भाजपा में जिन लोगों का राज ठाकरे से संवाद है वे लोग उनसे चर्चा के लिए बैठेंगे। 

सत्ता मिली तो पहली बैठक में औरंगाबाद का नाम बदलेंगे
पाटील ने कहा कि औरंगाबाद मनपा चुनाव में जनता ने भाजपा को सत्ता दी तो पार्टी मनपा की पहली आम सभा की बैठक में नाम बदलने का प्रस्ताव मंजूर करेगी। पाटील ने कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलने को लेकर महानगर पालिका में प्रस्ताव पारित करना पड़ेगा। इसके बाद विधानमंडल और केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजना पड़ेगा।

 पाटील ने कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस ने विरोध किया है। अब शिवसेना को तय करना है कि इस मामले को सुलझाने के लिए राज्य की सत्ता दांव पर लगानी है या नहीं। पाटील ने कहा कि शिवसेना को कांग्रेस को मनाना चाहिए। क्योंकि जितनी शिवसेना को कांग्रेस की जरूरत है। उतनी ही कांग्रेस को शिवसेना की आवश्यकता है। क्योंकि भाजपा का डर दोनों दलों को है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।