आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने का आरोप : महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक गिरफ्तार

February 23rd, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लांडरिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। दाऊद की बहन हसीना पारकर से 3.3 करोड़ रुपए की संपत्ति 55 लाख रुपए में खरीदने के मामले में मलिक पर ईडी ने शिकंजा कसा है। इसके अलावा ईडी ने मलिक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराया।   

सूत्रों के मुताबिक मामले में गिरफ्तार दाऊद के भाई इकबाल कासकर से पूछताछ में मलिक का नाम सामने आया है। इससे पहले बुधवार तड़के 5 बजे मलिक के घर पहुंची ईडी की टीम ने मलिक को समन थमाया और पूछताछ के लिए उन्हें अपने साथ ईडी के दक्षिण मुंबई स्थित कार्यालय ले गई। करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद मलिक को यह कहते हुए गिरफ्तार कर लिया गया कि उनके खिलाफ दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लांडरिंग मामले में पर्याप्त सबूत हैं और वे पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद मलिक को मेडिकल जांच के लिए जेजे अस्पताल ले जाया गया इस दौरान ईडी ऑफिस से बाहर निकले मलिक ने मीडिया की ओर देखकर हाथ हिलाया और कहा कि ‘मुझे गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन मैं डरूंगा नहीं लड़ूगा और जीतूंगा।’ इस दौरान राकांपा के कार्यकर्ताओं ने ईडी के ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया। 

ईडी का दावा पर्याप्त सबूत
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तारी के बाद मलिक को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जहां जांच एजेंसी ने दावा किया कि उसके पास मलिक के खिलाफ मनी लांडरिंग मामले में पर्याप्त सबूत हैं। जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए मलिक को 14 दिन की हिरासत में देने की मांग की। ईडी की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने दलीलें दीं जबकि वरिष्ठ वकील अमित देसाई ने मलिक का बचाव करते हुए उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद बताए। विशेष न्यायधीश राहुल रोकडे के सामने ईडी का पक्ष रखते हुए सिंह ने कहा कि 3 फरवरी को दाऊद इब्राहिम कासकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वह आतंकी गतिविधियों और मनी लांडरिंग में शामिल है। वह लोगों को डराकर उनकी संपत्तिया हड़पने में भी शामिल है

दाउद की बहन हसीना पारकर से जमीन खरीदने का आरोप 
सिंह ने कहा कि दाऊद की बहन हसीना पारकर मरने से पहले दाऊद की मुंबई में गतिविधियों को नियंत्रित करती थी। उसने बहुत सारी संपत्तियां अवैध रुप से अर्जित की जिसमें कुर्ला के गोवावाला कंपाउंड की एक जमीन शामिल है। माता-पिता की मौत के बाद इस पुस्तैनी संपत्ति के वास्तविक मालिक मुनीरा और मरियम थे। हसीना पारकर के सहयोगी सलीम पटेल को जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए पॉवर ऑफ अटार्नी दी थी इसे बेचने का अधिकार नहीं दिया था। लेकिन मीडिया रिपोर्ट से उन्हें जानकारी मिली कि सरदार खान नाम के व्यक्ति ने यह जमीन नवाब मलिक को एक कंपनी के माध्यम से बेंच दी है। खान 1993 मुंबई धमाके का एक आरोपी है। सरदार खान के भाई को इस जमीन का किराया लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मुनीरा ने ईडी को बताया कि उन्हें एक भी रुपया नहीं दिया गया। सलीम पटेल ने अवैध रुप से संपत्ति बेंची और बाद में हसीना ने 55 लाख रुपए लेकर जमीन का मालिकाना हक मलिक को सौंप दिया। वहीं मलिक का बचाव करते हुए देसाई ने कहा कि उनके मुवक्किल का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। मलिक का दाऊद गिरोह से कोई लेना देना नहीं है। जिस सलीम पटेल से मलिक का सौदा हुआ वह और सलीम फ्रूट दो अलग अलग लोग हैं। 
 
 

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