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महाराष्ट्र: चार बड़े अस्पतालों को नोटिस, कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं कराए बेड

महाराष्ट्र: चार बड़े अस्पतालों को नोटिस, कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं कराए बेड

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार 80 प्रतिशत बेड उपलब्ध नहीं कराने वाले मुंबई के नामचीन निजी अस्पताल बाम्बे हास्पिटल,लीलावती अस्पताल, जसलोक अस्पताल और हिंदुजा अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राज्य के स्वास्थ्य सेवा गारंटी सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुधाकर शिंदे ने चारों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार रात 2 बजे तक चारों अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। जिसके बाद चारों अस्पतालों में बेड उपलब्ध न होने और इलाज की फीस का चार्ट नहीं लगाने जैसी खामियां सामने आई ।

टोपे ने कहा कि अस्पतालों ने कोरोना और दूसरे मरीजों के लिए पर्याप्त बेड नहीं उपलब्ध कराया था। इस कारण अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।  टोपे ने कहा कि सरकार के आदेश का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल बेड उपलब्ध नहीं होने का बहाना बनाएंगे तो संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों को इलाज के फीस का चार्ट लगना चाहिए। अस्पताल मनमाने तरीके से मरीजों से इलाज के लिए पैसे नहीं ले सकते हैं।

टोपे ने कहा कि अस्पतालों को कहा गया है कि अगर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी और डॉक्टर अस्पताल में उपस्थित नहीं हो रहे हैं तो अत्यावश्यक सेवा कानून (मेस्मा) लागू करें। टोपे ने कहा कि किसी भी हालत में मरीजों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। टोपे ने कहा कि कोरोना की स्थिति के मद्देनजर निजी अस्पतालों के 80 प्रतिशत अधिग्रिहत करने के लिए सरकार ने आदेश जारी किया है लेकिन कई निजी अस्पतालों से अब भी सहयोग नहीं मिल रहा था। इसलिए मैंने चार अस्पतालों का दौरा किया। टोपे ने कहा कि सरकार ने महात्मा फुले जन स्वास्थ्य योजना के माध्यम से मरीजों का मुफ्त में इलाज कराने का फैसला किया है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।