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महाराष्ट्र : सार्वजनिक आयोजनों पर रोक, अमरावती संभाग 28 तक लॉक 

महाराष्ट्र : सार्वजनिक आयोजनों पर रोक, अमरावती संभाग 28 तक लॉक 

डिजिटल डेस्क, अकोला/अमरावती । राज्य में कोरोना का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। राज्य में  रैली, सभा, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों पर राेक लगाते हुए पुुणे में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने अमरावती, अकोला, यवतमाल और वाशिम जिला प्रशासन को जरूरत के अनुसार पाबंदी लगाने के निर्देश दिए हैं। ठाकरे के निर्देश पर  संभागीय आयुक्त पीयूष सिंह ने अमरावती संभाग के पांच जिलों में 28 फरवरी तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। आयुक्त के नए प्रतिबंधात्मक आदेशानुसार संभाग के अकोला, अमरावती, वाशिम, यवतमाल और बुलढाणा जिलों में अतिआवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी शासकीय व निजी कार्यालयों में केवल 15 प्रतिशत कर्मचारियों के जरिए ही कामकाज करवाया जाएगा। होटल और रेस्टाेरेंट पूरी तरह से बंद रहेंगे, सिर्फ पार्सल सेवाएं जारी रहेंगी। यातायात संबंधी सेवाएं निरंतर जारी रहेंगी। यात्री क्षमता 100 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दी है। जबकि धार्मिक संस्थाओं में मात्र 10 लोगों की उपस्थिति को अनुमति दी गई है।

साथ ही आगामी एक सप्ताह तक सभी सामाजिक व राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है। 28 फरवरी तक सभी शिक्षा संस्थान, सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पुल आदि भी पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ही खुले रखे जा सकेंगे। सब्जी विक्रेता मात्र 3 घंटे अपनी दुकानें लगा सकेंगे।  इसके अलावा सप्ताह में एक दिन रविवार को सख्त लॉकडाउन निरंतर जारी रहेगा। अमरावती शहर तथा अचलपुर में निरंतर बढ़ती मरीजों की तादाद को देखते हुए यहां पर प्रतिबंधात्मक आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अमरावती मनपा क्षेत्र के 40 प्रतिशत इलाके कंटेनमेंट जोन घोषित कर इन क्षेत्रों में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

पिछले आदेश की सख्ती का असर, पसरा सन्नाटा
 प्रशासन ने शनिवार रात 8 से सोमवार सुबह 8 बजे तक अमरावती, वर्धा में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए थे, जिससे शनिवार रात्रि से दोनों शहरों और जिले की अधिकांश तहसीलों में सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। रविवार को भी सड़कों पर कोई चहल-पहल नजर नहीं आई। वर्धा में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे तथा शहर के 12 इलाके कोरोना के हॉटस्पॉट घोषित किए गए हैं, जहां कोरोना नियंत्रण संबंधी उपाय योजनाओं पर कड़ाई से अमल किया जा रहा है। इसी प्रकार वर्धा में रापनि ने 650 बस फेरियां रद्द कर दीं, जिससे एक दिन में ही डिपो को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

केंद्र सरकार ने राज्यों को लिखी चिट्ठी- टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाएं
 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कोरोना टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने पर जोर दिया है। साथ ही, मंत्रालय ने इस बात का जिक्र किया है कि काफी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम मोर्चे पर तैनात लोगों को टीका लगाया जाना बाकी है।

 मुख्यमंत्री बोले-राज्य में संपूर्ण लाॅकडाउन पर फैसला 8 दिन में 
प्रदेश में दोबारा लॉकडाउन लगाने के बारे में सरकार आठ दिनों में फैसला लेगी लेकिन राज्य में सोमवार से सभी राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक जुलूस, मोर्चे, यात्रा, भीड़-भाड़ वाले आंदोलन पर अगले कुछ दिनों तक पाबंदी रहेगी। जबकि सभी सरकारी कार्यक्रम फिर से ऑनलाइन होंगे। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह घोषणा की है। रविवार को मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में लॉकडाउन करना है क्या? मैं यह सवाल प्रदेश की जनता से पूछ रहा हूं। मैं इस सवाल का उत्तर अगले आठ दिनों तक जनता से ही लूंगा। मैं देखूंगा कि जिन्हें लॉकडाउन नहीं चाहिए वे लोग मास्क का इस्तेमाल, हाथ धोने और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करेंगे।
 जिन्हें लॉकडाउन चाहिए होगा वे बिना मास्क के घूमेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 9 लाख लोगों को कोरोना का टीका दिया गया है।

केंद्र की राज्यों को सलाह: आरटीपीसीआर जांच का दायरा बढ़ाएं  
महाराष्ट्र और केरल सहित कुछ राज्यों से केंद्र ने उन्हें आरटीपीसीआर जांच बढ़ाने तथा वायरस के घातक स्वरूप की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। चयनित जिलों में कोरोना संक्रमण के प्रसार की फिर सख्त निगरानी करने को भी कहा है। केंद्र ने राज्यों को लिखे पत्र में जोर दिया कि सभी निगेटिव रैपिड एंटीजन जांच के नतीजों के बाद अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर जांच की जाए। 

पुणे में स्कूल-कॉलेज 28 फरवरी तक बंद
पुणे में स्कूल-कॉलेज 28 फरवरी तक बंद रहेंगे। जिले में रात 11 से सुबह 6 बजे तक नियंत्रित कर्फ्यू लागू रहेगा। हालांकि, अत्यावश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। विवाह समारोह में 200 व्यक्तियों से अधिक लोगों के जुटने पर रोक रहेगी। होटल और बार रात 11 बजे तक ही खुले रह सकेंगे।   उपमुख्यमंत्री पवार ने पुणे में कोरोना की स्थिति की समीक्षा बैठक के बाद यह निर्देश जारी किए, जो सोमवार मध्यरात्रि से लागू होंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे में लॉकडाउन नहीं होगा, पर नियमों को कड़ाई से लागू किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि जिले में सभी कोविड केयर सेंटर्स को तत्काल शुरू किया जाए। मास्क का उपयोग नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।