दैनिक भास्कर हिंदी: कोरोना के स्थिर आंकड़े बढ़ा रहे महाराष्ट्र की चिंता

June 29th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजों के आंकड़े एक जगह ठहर गए हैं। इस ‘थिक टेल' ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। जब तक 70 फीसदी टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक हमे सावधानी रखनी होगी। यह कहना है राज्य के मुख्यसचिव सीताराम कुंटे का। सोमवार को ‘दैनिक भास्कर’ से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि पाबंदियों को लेकर लोगों से सहयोग की अपेक्षा है। राज्य में फिर से लॉक डाउन के सवाल पर मुख्यसचिव ने कहा कि अभी कुछ कहना मुश्किल है। राज्य में कोरोना के आंकड़े कुछ दिनों से 9-10 हजार के आसपास अटके हुए हैं। राज्य के 7 जिलों में कोरोना संक्रमण के मामले अधिक हैं। जिस तेजी से कोरोना के आकड़ों में कमी आ रही थी, वह रुक गया है। पिछले तीन दिनों से राज्य में कोराना संक्रमितों के आकड़े साढे नौ हजार से 10 हजार के बीच आ रहे हैं।   

वैक्सीन की कमी से पूरी क्षमता से नहीं कर पा रहे टीकाकरण
कुंटे ने बताया कि हम एक दिन में सर्वाधिक 15 लाख लोगों को टीका लगा सकते हैं। पर राज्य में अभी तक एक दिन में सर्वाधिक टीकाकरण का रिकार्ड 7 लाख का रहा है। उन्होंने बताया कि जुलाई में महाराष्ट्र को 1 करोड़ 10 लाख टीका आवंटित हुआ है। इससे हम प्रतिदिन 4 लाख लोगों को टीका दे सकते हैं। इस गति से राज्य में सभी पात्रा लोगों को टीका लगाने में लंबा वक्त लग जाएगा। महाराष्ट्र में करीब साढे नौ करोड़ लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाना है। उसके लिए करीब 19 करोड़ खुराक की जरुरत पड़ेगी। कुंटे ने कहा कि 70 फीसदी लोगों को टीका लगने के बाद हम इस महामारी से सुरक्षित हो सकते हैं। यदि हम 10 लाख लोगों को प्रतिदिन टीका लगा सके तो एक माह में ढाई करोड़ लोगों को टीका लगा सकेंगे। इस लिहाज से तीन माह में सभी लोगों का टीकाकरण हो सकेगा। पर यह सब वैक्सीन की उपलब्धता पर निर्भर है। 

महाराष्ट्र में जांच ज्यादा
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की ज्यादा संख्या की बाबत कुंटे ने कहा कि राज्यभर में 600 आरटी-पीसीआर जांच केंद्र हैं। हम एंटीजेन टेस्ट की बजाय आरटी-पीसीआर टेस्ट पर ज्यादा जोर देते हैं। संभव है कि इस लिए भी आकड़े ज्यादा सामने आ रहे हो। मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड कम करने के लिए कार्यालय के कामकाज के समय में बदलाव को लेकर मुख्य सचिव ने बताया कि इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। निजी क्षेत्र को साथ लेकर ऐसा किया जा सकता है। यह व्यवहारित योजना है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर विचार हो रहा है। अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है। 

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा को कोरोना महामारी के चलते की राज्य की आर्थिक स्थिति पर जरुर असर पड़ा है। राजस्व का कितना नुकसान हुआ है, इसके आकड़े जुटाए जाने हैं। पर इस महामारी ने असंगठित क्षेत्र के लोगों के रोजगार भी काफी नुकसान पहुचाया है। हालांकि राज्य सरकार ने ऐसे लोगों की आर्थिक मदद की है। ओबीसी कते राजनीतिक आरक्षण को लेकर लेकर कुंटे ने कहा कि मैंने राज्य में कोरोना की स्थिति की मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग से 5 जिला परिषदों के उपचुनाव टालने का आग्रह किया था।

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