दैनिक भास्कर हिंदी: साल के अंत तक शहर में प्रोसेसिंग बांस उपलब्ध कराने के राज्य सरकार के प्रयास जारी

September 19th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। बांस के माध्यम से बड़ी मात्रा में एफडीसीएम को राजस्व प्राप्त होता है। लेकिन आज भी बांस को लेकर उदासीनता बनी हुई है। प्रोसेसिंग बांस शहर में उपलब्ध नहीं रहता उसे बाहर से मंगाना पड़ता है। ऐसे में साल के अंत तक प्रासेसिंग बांस शहर में उपलब्ध कराने एफडीसीएम व महाराष्ट्र बंबू विकास महामंडल मिलकर प्रयास करने की जानकारी महाराष्ट्र वनविकास महामंडल के व्यवस्थापकीय संचालक रामबाबू ने दी। वह मंगलवार को विश्व बांबू दिवस पर सेमिनरी हिल्स स्थित वन सभागृह में विश्व बांबू दिवस पर "विदर्भ में बांबू की बुआई व संवर्धन' पर आयोजित चर्चासत्र में  बोल रहे थे।

उन्होंने आगे कहा कि, बांबू की बुआई करने के लिए काफी संयम जरूरी है। क्योंकि इसका उपज आने में काफी समय लगता है। साथ ही जब तक इस बांबू का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र में नहीं होता है, तब तक इसे अनगिनत मर्यादा भी है। प्रोसेसिंग बांबू यहां उपलब्ध नहीं रहकर उसे बाहर से मंगाना पड़ता है। साल के अंत तक महाराष्ट्र डेवलपमेंट कार्पोरेशन ऑफ महाराष्ट्र व महाराष्ट्र बांबू विकास महामंडल मिलकर पवनी में ट्री-टेंड प्रकल्प शुरू करने वाला है। हमारे क्षेत्र में संतरे का उत्पादन अच्छा होता है।

संतरे के पेड़ को आधार देने के लिए 6 से 8 बांबू की दरकार होती है। ऐसे में किसानों के लिए बांबू बहुत ज्यादा उपयोगी होने की बात उन्होंने कही। बांबू से बेरोजगारों को रोजगार का अवसर भी उपलब्ध हो सकता है। महाराष्ट्र बांबू विकास महामंडल नागपुर की ओर से संचालित बांबू क्लब व रोटरी क्लब ऑफ नागपुर इलिट की ओर से सेमिनरी हिल्स स्थित बांबू शॉप में विश्व बांबू दिवस मनाया गया। अतिथियों ने मिलकर कल्पवृक्ष का रोपन किया।  इस अवसर पर विकास महामंडल के व्यवस्थापकीय संचालक टी.एस.के. रेड्‌डी, वनराई के पदाधिकारी अजय पाटील आदि उपस्थित थे।

मौलाना अब्दुल करीम पारेख व्याख्यानमाला कल
पद्मभूषण मौलाना अब्दुल करीम पारेख के मिशन पवित्र ग्रंथों के प्रकाश में शांति और सद्भावना पर राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय और ह्यूमैनिटी चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यानमाला का आयोजन 21 सितंबर को आयोजन किया गया है। वक्ता के रूप में पुलिस आयुक्त डा. भूषणकुमार उपाध्याय उपस्थित रहेंगे। नागपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत सभागृह में शाम 4 बजे आयोजित व्याख्यान का विषय ‘समाज में बढ़ती अमानवीयता- राष्ट्रीय प्रगति में बाधक’ रखा गया है। अधिक जानकारी के लिए ह्यूमैनिटी चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष माजिद पारेख से संपर्क किया जा सकता है।