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ममता से हारी महामारी, बच्चों के साथ मां भी लड़ रही कोरोना से जंग

ममता से हारी महामारी, बच्चों के साथ मां भी लड़ रही कोरोना से जंग

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना महामारी पर रिश्तों की डोर भारी पड़ रही है। कोरोना जैसी बीमारी होने के बाद भी मां बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। डॉक्टरों की लाख समझाने के बाद भी जब वह नहीं मानीं तो प्रशासन को भी मां की जिद के आगे अपने नियम शिथिल करने पड़े। ऐसा 10 वर्ष तक के बच्चों के केस में किया गया। शहर में ऐसे 15 मामले सामने आए। हालांकि, कुछ मां बच्चों की देखभाल में पॉजिटिव भी हुईं और कोरोना को हराकर घर लौटीं।

एक और मामला
हाल ही में एक नया मामला सामने आया है। इसमें 6 वर्षीय बेटी पॉजिटिव आई तो उसकी मां भी उसके साथ रहने की जिद पर अड़ गई। उसकी काउंसलिंग भी की गई, पर बात नहीं बनी। अब स्थिति यह है कि एहतियात बरतते हुए उसे मेडिकल प्रशासन ने विशेष अनुमति दे दी है।   

माता-पिता निगेटिव फिर भी अस्पताल में
शहर के एक क्वारेंटाइन सेंटर में 6 वर्षीय बच्ची संक्रमित पाई गई। उसके माता-पिता की रिपोर्ट निगेटिव आई। मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को कोविड वार्ड में भर्ती की तैयारी शुरू की। इसी बीच, मां जिद पर अड़ गई। मां ने कहा- बच्ची को अकेले नहीं छोड़ सकती। आज तक उसे कभी अकेले नहीं छोड़ा। अस्पताल प्रशासन ने मां की काउंसलिंग की। फिर भी बात नहीं बनी। आखिरकार पूरी सुरक्षा और एहतियात के साथ मां को बच्ची के साथ रहने की अनुमति दी गई। पिता क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे हैं। 

मजबूरी में दी है इजाजत
उपराजधानी के एक क्वारेंटाइन सेंटर में 10 वर्ष का एक लड़का पॉजिटिव पाया गया था। उसे मेयो अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती करने की तैयारी हुई। इस बीच मां ने बच्चे के साथ रहने की इजाजत मांगी। अस्पताल प्रशासन ने उसे बहुत समझाया, पर वह नहीं मानी। इसके बाद विशेष अनुमति के तहत उसे साथ रहने को कहा गया। खास बात यह है कि ऐसे मामलों में अस्पताल प्रशासन लिखित रूप से संबंधित परिवार से ले लेता है कि अगर कोई खतरा होता है तो उसकी जिम्मेदारी होगी। हालांकि, इस दौरान सुरक्षा का पूरा इंतजाम होता है।

डिस्चार्ज के समय मां भी पॉजिटिव
कई मामले ऐसे सामने आए, जिसमें बच्चे के साथ मां भी रही। बच्चा संक्रमित होता था, जबकि मां स्वस्थ रहती थीं। बाद में डिस्चार्ज के समय मां के नमूने लिए गए तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऐसा कई मामलों में हो चुका है। -डॉ. सागर पांडेय, उप अधीक्षक, मेयो

विशेष परिस्थितियों में परमिशन
विशेष परिस्थितियों में मां को संक्रमित बच्चे के साथ रहने की अनुमति दी जाती है। इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होती है। नियमों के तहत ही मां को बच्चे के साथ रखा जाता है। -राम जोशी, अतिरिक्त आयुक्त, मनपा

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