दैनिक भास्कर हिंदी: ‘कोरोना का कचरा’ खुले में छोड़ने वाले 63 अस्पतालों से मनपा ने वसूला 10.27 लाख से ज्यादा जुर्माना

December 31st, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जब से दुनिया में कोरोना वायरस का इंफेक्शन फैला है, तब से मास्क, फेस शील्ड, पीपीई किट्स जैसे इक्विपमेंट्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। पीपीई किट्स तो ‘यूज़ एंड थ्रो’ किस्म की होती हैं। नतीजा अब दुनियाभर में इन बायोमेडिकल वेस्ट का एक बड़ा भंडार तैयार हो रहा है। अपना शहर भी इससे अछूता नहीं है। लापरवाही की हद यहां भी नजर आ रही है। हद ये है कि जिनका थाली और ताली से स्वागत किया, वही जिम्मेदार निकले। जी हां, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि कोरोनाकाल में मेडिकल वेस्ट (कचरा) का गाइडलाइन के मुताबिक निपटारा नहीं करने के मामले में मनपा ने शहर के 63 निजी अस्पतालों से 10 लाख 27 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूला है। 

नियमों का नहीं हुआ पालन : एक दिन में शहर में 30 नवंबर को 15.47 किलोग्राम कोविड कचरा व 3088 किलोग्राम मेडिकल वेस्ट जमा किया गया। पिछले कुछ महीने में कोरोना रोगियों की संख्या कम हुई है। इस कारण कोविड कचरा भी कम हुआ है, लेकिन उसका निपटारा सही तरीके से व समय पर नहीं होने से भंाडेवाड़ी में हर दिन 1200 टन कचरा जमा हो रहा है, जिसमें मेडिकल वेस्ट भी शामिल है। 1 जनवरी से 30 नवंबर तक 7 लाख 62 हजार 190.285 मीट्रिक टन मेडिकल वेस्ट शहर से उठाया गया। मेडिकल वेस्ट जमा करने व नष्ट करने में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो सका है।

आरटीआई में मिली जानकारी : आरटीआई एक्टिविस्ट अभय कोलारकर को आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार, कोरोनाकाल में मेडिकल वेस्ट के निपटारे, जमा करने व उसे नष्ट करने के लिए नियमावली तैयारी की गई थी। मनपा प्रशासन ने सभी अस्पतालों को कोरोना गाइडलाइन के तहत मेडिकल वेस्ट का निपटारा करने के आदेश दिए थे। मार्च 2020 से 30 नवंबर 2020 तक 3 लाख 27 हजार 571.82 मीट्रिक टन मेडिकल वेस्ट (कचरा) उठाया गया आैर पूरा मेडिकल वेस्ट नष्ट करने की जानकारी दी गई, जबकि भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड में मेडिकल वेस्ट पड़ा मिला।