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राज्य सरकार के भरोसे मनपा, नहीं हुई आमदनी

राज्य सरकार के भरोसे मनपा, नहीं हुई आमदनी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लॉकडाउन की सबसे ज्यादा मार मनपा की तिजोरी पर पड़ी है।  महानगरपालिका की आय घटने से अब वह राज्य सरकार पर निर्भर हो गई है। आर्थिक वर्ष 2019-20 में मनपा को कुल 2119.97 करोड़ की आय हुई थी। इसमें राज्य सरकार से 1397.71 करोड़ रुपए मनपा को अनुदान स्वरूप में दिए गए थे। कुल आय में से सरकार का अनुदान छोड़ दिया जाए तो मनपा को 771.26 करोड़ रुपए अपने अन्य स्रोतों से मिले थे।

तत्कालीन मनपा स्थायी समिति  ने अतिरिक्त बजट पेश कर वाहवाही लूटी थी, लेकिन लक्ष्य हासिल नहीं होने से आयुक्त ने अपने सुधारित बजट में स्थायी समिति के बजट में बड़े पैमाने पर कटौती की थी।  मनपा को वस्तु व सेवा (जीएसटी) का राज्य सरकार से प्रतिमाह अनुदान मिलता है। पिछले वर्ष मनपा को सरकार से 1398.71 करोड़ रुपए का अनुदान मिला था। इसके अलावा मनपा को पानी व संपत्ति कर से 355 करोड़ रुपए की आय हुई। विशेष अधिकार अंतर्गत 27.54 करोड़ रुपए की वसूली की गई। अन्य आय से 188.34 करोड़ और असामान्य ऋण स्वरूप में मनपा को 123 करोड़ रुपए की आय हुई थी।

गत वर्ष का आंकड़ा
1398.71 करोड़ का अनुदान सरकार से मिले 
355 करोड़ की आय पानी व संपत्ति कर से हुई
27.54 करोड़ विशेष अधिकार अंतर्गत वसूली  
188.34 करोड़ रुपए अन्य आय से मिले थे 
123 करोड़ रुपए की आय असामान्य ऋण  

2376.2 करोड़ का खर्च 
2019-20 आर्थिक वर्ष में महानगरपालिका ने 2376.2 करोड़ रुपए विविध काम के लिए खर्च किए। सामान्य प्रशासन संकलन कर के लिए 244 करोड़, सार्वजनिक सुरक्षा के लिए 150.40 करोड़, सार्वजनिक स्वास्थ्य व सुविधा 1753.7 करोड़, सार्वजनिक संस्था 101.63 करोड़, अन्य खर्च 24.94 करोड़, असामान्य ऋण 101.66 करोड़, कुल 2376.2 करोड़ रुपए का खर्च हुआ है। 2019-20 आर्थिक वर्ष के लिए 2018.19 आर्थिक में 500.9 करोड़ शेष थे। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।