दैनिक भास्कर हिंदी: मेडिकल की एमआरआई मशीन बिगड़ी ,मेयो पर बढ़ा लोड

January 30th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की नसीहत देने वाला स्वास्थ्य विभाग अपने ही महकमे में इसका कितना पालन करता है, इसका नमूना मेयो अस्पताल की ओपीडी में देखा जा सकता है। शुगर व सोनोग्राफी से लेकर कई तरह के टेस्ट का शुल्क भरने के लिए केवल एक काउंटर है, जहां महिला-पुरुषों की लंबी कतार लगी रहती है। तय समय में शुल्क जमा नहीं करने पर दूसरे दिन आना पड़ता है। 

एक कर्मचारी पर बोझ
यहां एक कर्मचारी उपलब्ध है, जो तय समय में सभी से शुल्क लेकर रसीद देने में कई बार कठिनाई होती है। ओपीडी का वैसे तो समय सुबह 8 से दोपहर 12.30 बजे तक है, लेकिन काउंटर 9 बजे शुरू होता है। कतार लंबी होने से यहां काफी भीड़ हो जाती है। कोरोनाकाल में सोशल डिस्टेंसिंग की यहां धज्जियां उड़ रही हैं। सभी लोग हाथ भी सैनिटाइज नहीं करते। 

कम्प्यूटर में करनी होती है एंट्री
काउंटर पर कार्यरत कर्मचारी टेस्ट का तय शुल्क लेकर संबंधित व्यक्ति के नाम से रसीद काटता है। संबंधित व्यक्ति के नाम की एंट्री कम्प्यूटर में दर्ज की जाती है। तय शुल्क लेकर रसीद व शेष रकम संबंधित व्यक्ति को वापस दी जाती है। इस काम में कम से कम 4 मिनट लग जाते हैं। महज 4 घंटे में सैकड़ों रसीदें काटने में समय कम पड़ जाता है। 

स्वतंत्र काउंटर नहीं
मेडिकल में एमआरआई मशीन खराब होने से मेयो अस्पताल में टेस्ट करने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है। शुगर, ब्लड, मूत्र जांच, सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, एमआरआई, एक्स-रे, सोनोग्राफी समेत कई तरह की जांच कराने के लिए शुल्क जमा कर रसीद लेनी होती है। मेयो में कैश जमा करके रसीद लेने के लिए एक ही काउंटर है। यहां हर दिन सैकड़ों लोग शुल्क जमा करने के लिए कतार में खड़े रहते हैं। महिला-पुरुषों के लिए स्वतंत्र काउंटर नहीं है।

बीमार को और बीमार होने का खतरा 
कैलाश सुगंध को पत्नी का एमआरआई कराना था। एमआरआई का शुल्क भरने के लिए कैलाश काउंटर पर खड़े हुए आैर देखते ही देखते लंबी लाइन लग गई। सोशल डिस्टेंसिंग की किसी को परवाह नहीं। काउंटर पर भीड़ थी और हर कोई जल्दी रसीद मिलने के लिए नजदीक-नजदीक खड़े थे। दर्जनों प्रकार के टेस्ट के लिए शुल्क जमा करने का एक ही काउंटर है। बीमार व्यक्ति और बीमार होने का खतरा रहता है। बुजुर्ग लोगों को काफी परेशानी होती है।

3 लाख 37 हजार रुपए का माल जब्त
आरोपियों में जावेद शेख शकूर शेख (39), राजेश उर्फ भुरया हरिभाऊ करनुके (36), दोनों जूनी मंगलवारी, शेख इम्तियाज शेख जब्बार (52), चितार ओली, महल, शेख आसिफ शेख मेहबूब (33), टिमकी, प्रवीण वामनराव निनावे (39), लालगंज और मोहम्मद रियाज उर्फ अच्चू मोहम्मद शकूर, नवाबपुरा निवासी को जुआ खेलते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। सलीम खान, आजमशहा चौक निवासी मौका मिलते ही फरार हाेने में सफल हो गया। उसे तलाश किया जा रहा है।  आरोपियों से कुल 3 लाख 37 हजार रुपए का माल जब्त किया गया है।