अपने गांव लौट रहे लोग: लॉकडाउन के डर के बीच महानगर छोड़ने लगे हैं प्रवासी मजदूर

January 7th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई । मुंबई और आसपास के इलाकों में कोरोना संक्रमण की बेकाबू रफ्तार ने प्रवासी मजदूरों को खौफजदा कर दिया है। रोजी-रोटी की तलाश में बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे प्रदेशों से आए लोगों को फिर से लॉकडाउन का खतरा सताने लगा है। इसलिए कई मजदूर अब शहर छोड़ने की कोशिश में जुट गए हैं। खासकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर प्रवासी मजदूरों की भीड़ बढ़ने लगी है। आगरा के लक्ष्मण कुमार मंडल पिछले लॉकडाउन का अपना अनुभव साझा करते हुए बताते हैं कि परिवार के दूसरे सदस्य आगरा में रहते हैं। पिछली बार लॉकडाउन लगा तो आधे रास्ते पैदल चलकर गया था और फिर वहां से गाड़ी मिली जिससे गांव तक यात्रा की।

मंडल ने कहा कि इस बार मैं लॉकडाउन का इंतजार नहीं करना चाहता इसलिए अपने घर वापस जा रहा हूं। वहीं बिहार के मधुबनी के रहने वाले शिवनाथ यादव ने बताया कि उनका पूरा परिवार गांव में रहता है और वे मुंबई से पैसे कमाकर भेजते हैं जिससे खर्च चलता है। यादव ने कहा कि जिस रफ्तार से कोरोना बढ़ रहा है मुझे डर है कि पिछली बार की तरह सरकार लॉकडाउन लगा देगी। जिसके बाद हमारे लिए कमाना तो दूर घर से निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। यादव ने कहा कि लॉकडाउन से पहले मैं गांव चला जाना चाहता हूं। हालांकि प्रशासन पुराने अनुभवों के मद्देनजर अब भी लॉकडाउन से बचना चाहता है। महापौर किशोरी पेडणेकर ने लॉकडाउन के संकेत दिए थे लेकिन मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने फिर साफ किया है कि फिलहाल लॉकडाउन की जरूरत नहीं है। 

सामान्य से ज्यादा भीड़ नहीं-रेलवे
प्रवासी मजदूरों के शहर छोड़ने की खबरों के बीच रेलवे अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल लोकमान्य तिलक टर्मिनस और दूसरे स्टेशनों पर उसी तरह की भीड़ है जैसी सामान्य तौर पर होती है। किसी तरह की अतिरिक्त भीड़ की जानकारी बिल्कुल गलत है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने बताया कि हालात पूरी तरह सामान्य हैं और स्टेशनों पर किसी तरह की भीड़ या अफरातफरी का कोई माहौल नहीं है। एलटीटी स्टेशन पर तैनात आरपीएफ अधिकारी केशव राणा ने भी दावा किया कि स्टेशनों पर किसी तरह की असामान्य भीड़ नहीं है। उन्होंने कहा कि गाड़ियां अब भी खाली ही जा रहीं हैं। मैं खुद रात के वक्त हालात का जायजा लेने स्टेशन पर मौजूद था। हमने लोगों के लिए पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है।