दैनिक भास्कर हिंदी: पोकलेन मशीन लगाकर कर रहे थे रेत खनन, खनिज विभाग ने जब्त की 6 मेटाडोर और मशीन

October 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, शहडोल। रेत माफिया पोकलेन मशीन लगाकार रेत का खनन कर रहे थे। सूचना पर जब जिला प्रशासन की टीम ने दबिश दी, तो माफियाओं के होश उड़ गए। जिले के नरवार ग्राम पंचायत अंतर्गत कुंवरसेजा में सोन नदी पर पोकलेन मशीन से रेत का खनन किया जा रहा था। नदी के अंदर मेटाडोर घुसी थी। मंगलवार सुबह कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग ने छह मेटाडोर और एक पोकलेन मशीन जब्त की है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम सोहागपुर और सोहागपुर थाने की पुलिस भी मौजूद थी।

जानकारी के मुताबिक खनिज विभाग को सोमवार रात सूचना मिली थी कि नदी में मशीन उतारकर रेत का खनन किया जा रहा है। वहीं मंगलवार सुबह करीब 7 बजे एसडीएम सोहागपुर रमेश सिंह के पास भी इसी तरह का फोन आया था। जिला खनिज अधिकारी और एसडीएम ने सुबह करीब 8 बजे मौके पर दबिश दी तो पांच मेटाडोर नदी के अंदर रेत भरते मिले। कार्रवाई की भनक लगने पर पोकलेन मशीन और एक मेटाडेर को नदी से निकालकर पास ही एक निजी भूमि में मुरुम की खुदाई में लगा दिया गया था। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए छह मेटाडोर और पोकलेन मशीन को जब्त किया है। गौड़ खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए मशीन और वाहनों को सोहागपुर थाने में खड़ा करा दिया गया है।

पंचायत के अधीन है यह खदान
नरवार ग्राम पंचायत की कुंवरसेजा खदान पंचायत के अधीन आती है। पंचायत को स्थानीय मजदूरों के माध्यम से खनन कर रेत बेचने की अनुमति है। इसके लिए पांच हेक्टेयर की स्वीकृति मिली हुई है, लेकिन सरपंच और आसपास के कुछ दबंग लोगों की मिलीभगत से पोकलेन और जेसीबी के जरिए रेत का खनन किया जाता है। इसके अलावा पांच हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खनन किया जा रहा है।

एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन
जिले में चल रही खदानों में एनजीटी के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एनजीटी के निर्देश हैं कि नदी के अंदर तक कोई वाहन प्रवेश नहीं करेगा। वहीं जेसीबी, पोकलेन मशीन से खनन नहीं किया जाएगा। इसके विपरीत खदानों में रेत का उत्खनन पानी के अंदर से किया जा रहा है। खनन माफिया का नेटवर्क इतना मजबूत है कि जब कि टीम कार्रवाई के लिए जाती  है, मशीनों को बाहर कर दिया जाता है।

जिले के बाहर जा रही रेत
जिले की चार रेत खदानें पंचायतों को मिली हुई हैं। इनमें कुंवरसेजा, बटुरा, नबलपुर और धनगवां शामिल हैं। कुंवरसेजा की खदान सोन नदी में है। रेत के अवैध उत्खनन के कारण सोन नदी का स्वरूप बदलता जा रहा है। ग्राम पंचायत नरवार को 5 एकड़ में रेत खदान मिला है, लेकिन पंचायत के सरपंच व सचिव द्वारा बाहर से आए ठेकेदारों के साथ मिलकर रेत का अवैध परिवहन व उत्खनन कर जिले के बाहर दूसरे राज्यों में भिजवाया जा रहा है।

इनका कहना है
पंचायत के पास पांच एकड़ में खनन की स्वीकृति है। मंगलवार को जहां से वाहन पकड़े गए हैं वह लीज के क्षेत्र में आता या नहीं इसकी जांच की जा रही है। खसरे का मिलान किया जा रहा है। पांच मेटाडोर रेत भरते हुए जबकि एक मेटाडोर और पोकलेन को मुरुम की खुदाई करते हुए पकड़ा गया है।
-फरहत जहां, जिला खनिज अधिकारी

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