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गांव में चलाया मिशन मैथेमेटिक्स , अब बच्चे खेल-खेल में सीख रहे गणित

गांव में चलाया मिशन मैथेमेटिक्स , अब बच्चे खेल-खेल में सीख रहे गणित

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। गणित का नाम सुनते ही अधिकांश स्कूली बच्चे ही नहीं उनके वे परिजन भी दहशत में आ जाते हैं, जिन्होंने अपने बचपन में इसके फॉर्मूले याद न हो पाने की वजह से परेशानी झेली है। पोंभुर्णा तहसील के घोसरी गांव का एक युवा न केवल गणित के डर को बच्चों के मन से दूर करने बल्कि इस कठिन विषय के प्रति आकर्षण और जिज्ञासा बढ़ाने के काम में लगा है। हम बात कर रहे हैं अक्षय वाकुडकर की, जिन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर घोसरी गांव में अभिनव प्रयोग शुरू किया है। अक्षय ने अपने कुछ साथियों की मदद से गांव की दीवारों पर गणित के सूत्रों को कुछ इस तरह उकेरा है कि बच्चों के मन में इसके प्रति लगाव तो बढ़ा ही है, साथ ही याद करने में भी आसानी हो रही है। स्कूली बच्चों के अलावा युवा भी दीवार पर लिखे गए इन सूत्रों की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पा रहे हैं। भारतीय इंजीनियरिंग सर्विस (आईईएस) परीक्षा की तैयारी में लगे अक्षय ने इसे मिशन मैथेमेटिक्स नाम दिया है। राज्य भर में संभवत: यह पहला ऐसा प्रयोग है। 

डर के साथ उदासीनता दूर करने का प्रयास
अक्षय का कहना है, ‘गणित को लेकर विद्यार्थियों के मन में डर के साथ उदासीनता भी छिपी होती है। स्कूलों में इसे दूर करने की कोशिश की जाती है लेकिन यह प्रयास वहीं तक सीमित रह जाता है। इसी के मद्देनजर मैंने अपने कुछ साथियों संग मिशन मैथेमेटिक्स नाम से एक मुहिम छेड़ी है, जो अब रंग लाने लगी है।’ उनका कहना है कि वे अब इस प्रयोग को पूरे चंद्रपुर जिले में लागू करना चाहते हैं। अक्षय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी गणित पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, परंतु युवाओं को भी गणितीय सूत्रों की जानकारी नहीं होती। इसलिए वे ऐसी परीक्षाओं में पिछड़ जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गांव की दीवारों पर गणित के सूत्र उकेरे गए हैं। 

जेब खर्च से मिशन को चलाने में दे रहे योगदान
अक्षय के साथ पप्पू सतरे, गणेश आरेकर, बालू वाकुडकर, विजय वाकुडकर, छत्रपति कोहपरे, स्वप्निल चुदरी, प्रवीण चुदरी, अभिजीत चुदरी,आदित्य शुद्धलवार, राकेश मांडवगडे, गणेश पोरटे जैसे युवा मिशन मैथेमेटिक्स में योगदान दे रहे हैं। इनका कहना है कि ऐसा करके वे अपनी पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ये सभी अपने जेब खर्च से इस मिशन को चला रहे हैं। 

मिशन के प्रसार के लिए आर्थिक मदद की जरूरत
गांव में मिली सफलता से हमारा हौंसला बढ़ा है। अब इस मिशन को पूरे जिले में फैलाना है। हर गांव की दीवारों पर गणित के सूत्र दिखने चाहिए। लेकिन इसके लिए आर्थिक मदद की जरूरत भी होगी। हम इसके लिए फंड जुटाने के प्रयास में लगे हैं।
-अक्षय वाकुडकर, प्रणेता, मिशन मैथेमेटिक्स

परीक्षा परिणाम भी सुधरा
गांव की गलियों की 20 दीवारों पर अक्षय की टीम ने गणित के सूत्र उकेरे हैं। इससे इस कठिन विषय के प्रति बच्चों का आकर्षण बढ़ा है। वे खेलते-कूदते इन दीवारों से गणित के सूत्र सीख रहे हैं। उनका परीक्षा परिणाम भी सुधर रहा है। 
-तुकाराम कोसनकार, ग्रामीण, घोसरी
 

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