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महाविकास आघाडी के तीनों दलों को रास नहीं आई मोदी अपील

महाविकास आघाडी के तीनों दलों को रास नहीं आई मोदी अपील

डिजिटल डेस्क,  मुंबई।  कोरोना वायरस को हराने के लिए सामूहिक शक्ति प्रदर्शन के लिए लोगों से 5 अप्रैल को रात 9 बजे दिये जलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील प्रदेश की महाविकास आघाडी सरकार के तीनों सहयोगी दलों को रास नहीं आई है। हालांकि मोदी के आह्वान को लेकर राकांपा में दो राय नजर आ रही है। राकांपा के प्रवक्ता तथा प्रदेश के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि हमने सोचा था कि प्रधानमंत्री चूल्हा जलाने की बात करेंगे। लेकिन साहब (मोदी) दिये जलाने का उपदेश दे गए। मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित किया लेकिन उनके भाषण से देशवासियों के हाथ घोर निराशा लगी है। वहीं राकांपा के विधायक रोहित पवार मोदी की अपील का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। रोहित ने ट्वीट कर लिखा कि दीयों के माध्यम से देश को कोरोना विरोध में एकजुट करने का प्रधानमंत्री का लक्ष्य होगा। यदि यही लक्ष्य है तो उनका स्वागत करना चाहिए। रोहित ने कहा कि सोशल मीडिया अकाऊंट पर राष्ट्रधव्ज का डीपी रखकर एकता का यह संदेश अधिक मजबूत करें। 

मैं दीये नहीं जलाऊंगा- आव्हाड
राकांपा के नेता व प्रदेश के गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि भारत में आधे लोगों के घरों में अनाज नहीं है। प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घरों में अंधेरा करके दीये जलाइए। प्रधानमंत्री भारत के लोगों को क्या मूर्ख समझते हैं। आव्हाड ने कहा कि मैं मूर्ख नहीं हूं मैं दिये नहीं जलाऊंगा। मैं लोगों के लिए काम कर रहा हूं। मुझे लोगों का सहारा बनना है। मैं दिये के तेल से देश की राष्ट्रीय संपत्ति खर्च नहीं करूंगा। 

उम्मीद है लोग अपना घर नहीं जलाएंगे- संजय राऊत 
शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जब लोगों को ताली बजाने के लिए कहा तब लोग सड़कों पर भीड़ करके ढोल बजाने लगे। मुझे उम्मीद है कि ये लोग अब अपने घरों को नहीं जलाएंगे। राऊत ने कहा कि साहब लोगों के काम और पेट के बारे में कुछ बोलिए। 

कांग्रेस गंभीर नहीं - पाटील 
दूसरी ओर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। पाटील ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान को इवेंट बताने वाले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात को कोरोना वायरस की स्थिति की गंभीरता नहीं पता है। थोरात को अगर जनता से स्नेह नहीं है तो वह चुप्प बैठे। मोदी ने जनता का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है। इस प्रयास मं  थोरात जनता का मजाक न उड़ाए। उनके लिए कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले सामान्य लोगों की कुछ कीमत नहीं है। पाटील ने कहा कि विरोध के लिए केवल विरोध करना उचित नहीं है। थोरात को प्रधानमंत्री क्या करें। इस बारे में सलाह देने के बजाय केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए अनाज को राशन दुकानों पर गरीबों को वितरित करवाना चाहिए।

पाटील ने चूक सुधारी 
प्रधानमंत्री की ओर से दिये जलाने की अपील का समर्थन करने के लिए प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने प्रदेश के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि उजाला करने के बाद खुले परिसर में आकर भारत माता का स्मरण करें। पाटील के इस बयान पर सोशल मीडिया पर आलोचना होने लगी। क्योंकि प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने घरों रहकर दिये जलाने और भारत माता का स्मरण करने का आह्वान किया था। पाटील ने थोड़ी देर बाद नया बयान जारी करके कहा कि लोग घर के दरवाजे अथवा बाल्कनी में भारत माता का स्मरण करें। कोई सड़कों पर उतकर भीड़ न करे। 
 
कोरोना को लेकर गंभीर बनें पीएमः थोरात
राज्य के राजस्व मंत्री बाला साहब थोरात ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने ने कहा है कि कोरोना के प्रकोप के देश संकट से जूझ रहा है। ऐसी परिस्थिति में प्रधानमंत्री मोदी को कोई नीतिगत निर्णय लेना चाहिए न की देश में ताली बजाओ व दिया जलाओ की अपील करनी चाहिए। हम देश के प्रधानमंत्री मोदी से कोरोना के चलते पैदा हुई परिस्थितियों को लेकर गंभीर होने की अपेक्षा करते हैं। फिलहाल वे जो कर रहे वैसा एक प्रधानमंत्री से अपेक्षित नहीं है।

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