दैनिक भास्कर हिंदी:   मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून नहीं बना सकी मोदी सरकारः सावंत

April 23rd, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पालघर में दो साधुओं सहित तीन लोगों की भीड़ द्व्रारा हत्या के बाद केंद्र में सत्ताधरी दल भाजपा इसे सांप्रदायिक रंग देने में जुटी है जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद दो साल में भीड़ द्वारा हत्या (मॉब लिंचिंग) को लेकर मोदी सरकार कानून नहीं बना सकी। गुरुवार को आनलाइन संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि जुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग को बेहद घृणित बताते हुए इसके खिलाफ कानून बनाने का निर्देश दिया था।

सर्वोच्च अदालत ने इसके लिए 11 दिशानिर्देश भी जारी किए थे। लेकिन इस पर केंद्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद जुलाई 2019 में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की खंडपीठ ने मॉब लिंचिंग के मामले का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस भेजा था। लेकिन केंद्र सरकार ने जरुरी कदम नहीं उठाया। सावंत ने कहा कि महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस केंद्र सरकार से मांग करती है कि मॉब लिंचिंग को लेकर जल्द से जल्द कानून बनाया जाए। 

गिरफ्तार लोगों की सूची में शामिल हैं भाजपा कार्यकर्ता
पालघर को घटना को दुखद बताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि हम चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में गिरफ्तार लोगों में कई भाजपा कार्यकर्ता हैं, लेकिन भाजपा ने अभी तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जिस ग्राम पंचायत गडचिंचले में यह घटना हुई, वहां 10 वर्षों से भाजपा की सत्ता है और भाजपा की चित्रा चौधरी संरपंच हैं। यह पूछे जाने पर की कांग्रेस ने पालघर मॉब लिंचिंग की घटना की निंदा करने में इतनी देरी क्यों की?

सावंत ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा इस तरह की घटनाओं का निषेध किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता ईश्वर निकोले और भाऊ साठे का नाम राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख द्वारा जारी गिरफ्तार आरोपियों की सूची में शामिल है। वरिष्ठ टीवी पत्रकार अर्नब गोस्वामी पर हुए कथित हमले की बाबत कांग्रेस नेता ने कहा कि हम हमले का समर्थन नहीं करते, हमलावार कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं हैं लेकिन अर्नब ने जो किया उसकी कड़ी निंदा करते हैं।