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नए पाठ्यक्रम चलाने के पात्र नहीं अधिकांश कॉलेज

नए पाठ्यक्रम चलाने के पात्र नहीं अधिकांश कॉलेज

डिजिटल डेस्क, नागपुर। देश भर में इंजीनियरिंग, एमबीए व अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों का संचालन करने वाले अखिल भारतीय तंत्र शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने विद्यार्थियों की कमी की समस्या से जूझ रहे इंजीनियरिंग कॉलेजों को ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) मोड के तहत नए पाठ्यक्रम संचालित करने की छूट दी है। पूर्व में यह अधिकार केवल विश्वविद्यालयों और डीम्ड यूनिवर्सिटीज तक ही सीमित थे। लेकिन यह विडंबना ही है कि नागपुर विश्वविद्यालय के संलग्न करीब 40 इंजीनियरिंग व एमबीए कॉलेजो में से महज 3 कॉलेज ही नए पाठ्यक्रम चलाने के लिए पात्र हैं। इसका कारण है कि एआईसीटीई ने उक्त छूट के साथ एक शर्त भी लगा दी है कि ओडीएल पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए कॉलेज का नैक मूल्यांकन स्कोर 3.26/4 (ए-प्लस) या इससे अधिक होना चाहिए। लेकिन नागपुर विवि से संलग्नित इंजीनियरिंग कॉलेजों का नैक स्टेटस देखें तो पता चलता है कि महज 3 ही इंजीनियरिंग कॉलेजों का नैक स्कोर 3.26 या इससे अधिक है। 

इन श्रेणियों के नए हैं पाठ्यक्रम
-इन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए एआईसीटीई की पूर्व अनुमति की जरुरत नहीं होगी। हालांकि कॉलेजों को पाठ्यक्रम संचालन से जुड़ा सारा डाटा एआईसीटीई को भेजना होगा। 
-मैनेजमेंट व संबंधित क्षेत्र कंप्यूटर एप्लिकेशन 
-आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस व डेटा साइंस 
-लॉजिस्टिक्स ट्रैवल व टूरिज्म 

ऐसा है नया नियम
अब तक एआईसीटीई का नियम था कि केवल विश्वविद्यालयों और डीम्ड यूनिवर्सिटीज को ही ओडीएल पाठ्यक्रम चलाने के अधिकार होंगे। हाल ही में इसमें संशोधन करके ऐसे कॉलेज जिनका नैक मूल्यांकन स्कोर 3.26/4 (ए-प्लस) से अधिक हो, को भी नए पाठ्यक्रम चलाने के लिए पात्र माना गया है। पूर्व में नियम था कि ओडीएल पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए संस्थान कम से कम 5 वर्ष पुराना होना चाहिए। नए नियम के तहत यदि संस्थान से दो बैच पास आउट हो चुकी है, तो उन्हें पात्र माना जाएगा। इन संस्थानों को स्वयं का एआईसीटीई पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। बैच का इनटेक तय करने के लिए संस्थानों को यूजीसी की अनुमति लेनी होगी। 


 

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