सतर्कता जरूरी: नागपुर शहर में अधिकांश मरीज ओमिक्रॉन के ही

January 14th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर । राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी संस्था (नीरी) में सलाइन गार्गल आधारित जीनोम सीक्वेंसिंग जांच में गुरुवार को 73 सामान्य पॉजिटिव मरीजों की जांच में सभी 73 ओमिक्रॉन के मरीज निकले। इसके पहले 53 सामान्य कोरोना पॉजिटिव के सैंपल की जांच में 51 ओमिक्रॉन के मरीज मिले हैं। 

चेता रहे हैं आंकड़े
नीरी की जांच में यह बात निकलकर आई है कि वर्तमान में जो मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं, उनमें से अधिकांश को ओमिक्रॉन ही हैं, जो बहुत तेजी से फैल रहा है। नीरी के विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की है। यह बात अलग है कि सभी मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग संभव नहीं है। इसलिए हमें पहले से भी ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। अब जिले में कुल ओमिक्रॉन पीड़ितों की संख्या 175 हो चुकी है। नीरी ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वैरिएंट की जांच भी सलाइन गार्गल आधारित जीनोम सीक्वेंसिंग की थी। इससे पहले 9 जनवरी को 53 सैंपल की जांच में 51 सैंपल ओमिक्रॉन संक्रमित पाए गए थे।

सभी मरीज आेमिक्रॉन पीड़ित, इतने पैमाने पर जीनोम सीक्वेंसिंग संभव नहीं
पहले पॉजिटिव कम होते थे, तो सभी सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कर पाना संभव होता था, लेकिन अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1000 से अधिक हो चुकी है। इसलिए इतने सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग संभव नहीं है। चुनिंदा पॉजिटिव सैंपल ही जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लिए जाते हैं। नीरी ने 9 और 13 जनवरी को जितने सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की है, वह सभी ओमिक्रॉन पॉजिटिव निकले हैं। इस आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वर्तमान में जो पॉजिटिव पाए जा रहे हैं, वे सभी ओमिक्रॉन पीड़ित हैं। जीनोम सीक्वेंसिंग से आने वाले दिनों में और कोई नया वैरिएंट होने पर उसका भी पता चल सकेगा। नीरी द्वारा निरंतर जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है। 
-डॉ. कृष्णा खैरनार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, नीरी