दैनिक भास्कर हिंदी: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने की तोडफोड़

March 6th, 2019

डिजटल डेस्क,छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल के गायनिक वार्ड में मंगलवार रात प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साएं परिजनों ने पूरे वार्ड में तोडफोड़ की। परिजनों का आरोप था कि चिकित्सकों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत हुई है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने हंगामा मचाया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। जब मामला बढ़ गया तो कोतवाली पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। देर रात तक परिजन लापरवाह चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग करते रहे।
चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने बताया कि कुंडालीकला निवासी 27 वर्षीय श्याम कुमारी पति रिंद कुमार पहाड़े को प्रसव पीड़ा बढने की वजह से जिला अस्पताल के गायनिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। यहां चिकित्सकों ने सीजर से प्रसव कराने की बात कही थी। इसके बाद अचानक नॉर्मल डिलेवरी के लिए श्याम कुमारी को प्रसव कक्ष में ले जाया गया। यहां रात आठ बजे जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। चिकित्सकों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हुई है।
डिलेवरी रूम में तोडफोड़-
गुस्साएं परिजनों ने न सिर्फ गायनिक वार्ड में बल्कि डिलेवरी रूम में भी जमकर तोडफोड़ की। कोतवाली पुलिस को सूचना देने के बाद भी समय पर स्टाफ नहीं पहुंचा। इस बीच परिजनों ने पूरे वार्ड की कांच और दरवाजें तोड़ दिए।
इंचार्ज सिस्टर के रूम में छिपा स्टाफ-
परिजनों ने जब अस्पताल में तोडफोड़ शुरु की तो वार्ड स्टाफ ने स्वयं को इंचार्ज सिस्टर के रूम में बंद कर लिया। इस हंगामें से घबराया स्टाफ काफी देर तक कमरे में ही बंद रहा। जब तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंच गई तब तक पूरा स्टाफ कमरे में ही बंद रहा।
तड़पती रही प्रसूताएं-
विवाद के दौरान प्रसव कक्ष में कई गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। इस दौरान मृतक के परिजनों ने तोडफोड़ शुरू कर दी। जिसके बाद गायनिक का स्टाफ गर्भवती महिलाओं को प्रसव कक्ष में ही छोड़कर इंचार्ज सिस्टर के रूम में जा छिपा। इस दौरान कई गर्भवती महिलाएं तड़पती रही और उनके परिजन परेशान होते रहे।