दैनिक भास्कर हिंदी: दिग्विजय सिंह के खरीदे हेलिकॉप्टर्स को 15 साल से चला रहे हैं शिवराज

July 12th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित्वकाल में खरीदे गए विमानों को 15 साल से निरन्तर चला रहे हैं। इन विमानों को चलाने का खास कारण यह है कि इनके कलपुर्जों को निरन्तर एक निश्चित समयावधि में बदला जाना है, जिससे यह विमान पुराने न होकर फिर नए हो जाते हैं।

तत्कालीन सीएम दिग्विजय सिंह ने अपने पहले मुख्यमंत्रित्वकाल में वर्ष 1998 में बेल-430 डबल इंजन हेलीकाप्टर मेसर्स बेल टेक्सट्रान अमेरिका से 51 लाख 54 हजार 200 अमेरिकन डालर में क्रय किया था। इसके बाद अपने दूसरे मुख्यमंत्रित्वकाल में वर्ष 2002 में डबल इंजन सुपर किंग बी-200 वायुयान मेसर्स रेथ्यान एयरक्राफ्ट कंपनी अमेरिका से 47 लाख 56 हजार 804 अमेरिकन डालर में क्रय किया।

वर्ष 2003 में उन्होंने सिंगल इंजन बेल-407 हेलीकाप्टर मेसर्स बेल टेक्सट्रान अमेरिका से 19 लाख 88 हजार 80 अमेरिकन डालर में क्रय किया। इनमें से सिर्फ वर्ष 1998 में क्रय किया गया बेल-430 डबल इंजन हेलीकाप्टर पिछले तीन साल से ग्राउण्ड है, क्योंकि अब इसके पार्ट नहीं मिल पाते हैं और यह उड़ान योग्य नहीं है। जबकि 2002 में खरीदा गया डबल इंजन सुपर किंग बी-200 वायुयान तथा वर्ष 2003 में क्रय किया गया बेल-407 हेलीकाप्टर अभी भी उड़ान भर रहे हैं, क्योंकि इनके पार्ट एवं उपकरण एक निश्चित समयावधि बाद निरन्तर बदले जा रहे हैं।

वर्तमान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने दूसरे कार्यकाल में सिर्फ एक हेलीकाप्टर ईसी-155 बी-1 डबल इंजन मेसर्स यूरोकाप्टर फ्रांस से 1 करोड़ 5 लाख यूरो में क्रय किया हुआ है। यह खरीदी वर्ष 2011 में की गई थी। यह हेलीकाप्टर भी वर्तमान में बढिय़ा एवं उड़ान योग्य है तथा इसका कारण भी इसके पार्ट एवं उपकरण निरन्तर बदले जाना है।

सिवनी हवाई पट्टी दी निजी क्षेत्र को
इधर राज्य सरकार ने प्रदेश के सिवनी लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित सभी मौसम में उपयोगी हवाई पट्टी को एरो स्पोट्र्स गतिविधियों के संचालन हेतु निजी क्षेत्र की कंपनी मेसर्स मेस्को एरो स्पेस लिमिटेड नई दिल्ली को लीज पर सौप दी है। यह निजी क्षेत्र सिवनी विमान तल के पास एयरक्राफ्ट रिसाईकिल फेसिलिटी भी उपलब्ध कराएगा।

मप्र विमानन के संचालक अनंत सेठी का कहना है, ‘‘हमारे पास एक वायुयान और तीन हेलीकाप्टर हैं जिनमें से बेल-403 हेलीकाप्टर पिछले तीन से ग्राउण्ड है क्योंकि अब इसके पार्ट नहीं मिलते हैं। इसे बेचने की कार्यवाही जारी है। शेष तीन विमान इसलिए चल रहे हैं क्योंकि इनके पार्ट एवं उपकरण एक निश्चित समयावधि बाद निरन्तर बदले जा रहे हैं। सिवनी विमानतल को अनुपयोगी हवाई जहाजों को नष्ट कर उनमें से उपयोगी उपकरण निकालने वाली एक निजी कंपनी को लीज पर दिया गया है।’’