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नागपुर के दो युवकों का कुही में मर्डर केस, मां की गाली देने पर बालू हो गया था आग-बबूला

नागपुर के दो युवकों का कुही में मर्डर केस, मां की गाली देने पर बालू हो गया था आग-बबूला

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर के कुणाल चरडे (29) और सुशील बावणे (24), दिघोरी निवासी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार राहुल लांबट (27), भांडेवाड़ी, निशांत शाहकर (23), शक्तिमाता नगर, खरबी रोड और जागेश्वर उर्फ बालू दुधनकर (33) नीलकमल नगर, नरसाला निवासी को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। तीनों को 20 नवंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। घटना 15 नवंबर की देर रात उमरेड रोड पर डोंगरगांव क्षेत्र में हुई थी। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के दिन बालू उर्फ जागेश्वर दुधनकर और राहुल लांबट दिघोरी रोड पर एक सावजी में भोजन करने गए थे। भोजन करने के बाद दिघोरी-नरसाला रोड पर जय पान पैलेस गए थे। इस पानठेले के पास कुणाल और सुशील पहले से बैठे थे। इन दोनों ने बालू को देखते ही कहा िक ये हमारा एरिया है, तू दोबारा यहां मत आना। उसके बाद उन्होंने बालू को मां की गाली दे दी। इस बात को लेकर बालू और कुणाल-सुशील के बीच हाथापाई हो गई। कुणाल और सुशील उस पर भारी पड़ गए। कुणाल और सुशील ने बालू से कहा कि हम यहीं पर बैठे हैं, जा देखते हैं क्या कर लेगा। यह सुनने के बाद बालू वहां से घर गया और तलवार लेकर पानठेले के पास पहुंचा। वहां पर कुणाल और सुशील नहीं मिले। 

बालू ने चौक में तलवार  लहराकर दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। बालू को इस बीच किसी ने फोन किया और बताया कि उसके घर के पास कुणाल और सुशील घूम रहे हैं। बालू अपने घर के पास पहुंचा, तो कुणाल और सुशील दिख गए। बालू ने कुणाल और सुशील से कहा कि तुम दोनों मुझकर छींटाकशी क्यों करते हो। यह सब किसके कहने पर करते हो। यह सुनने के बाद कुणाल और सुशील उससे विवाद करने लगे। बालू के सिर पर सनक सवार हो गई थी। उसने राहुल और निशांत को बुला लिया।  कुणाल और  सुशील राहुल और निशांत को बालू के साथ देखकर गायब हो गए। बालू ने राहुल और निशांत के साथ मिलकर उनके खात्मे की योजना बना डाली। 

मनगढ़ंत कहानी सुनाकर बच निकले थे 
बालू ने अपनी कार निकाली। कार निशांत चलाने लगा। बालू, निशांत और राहुल कार से कुणाल और सुशील की तलाश करने निकले। बालू के घर से कुछ दूरी पर कुणाल और सुशील मिल गए। उनके बाद फिर विवाद हो गया। बालू ने कहा कि बस्ती में विवाद करने से अच्छा नहीं लगता है। यहां से कुछ दूर चलकर बातचीत करते हैं। निशांत ने कार स्टार्ट किया। बालू ,राहुल, कुणाल और सुशील पीछे की सीट पर बैठे। कार में बैठते समय बालू को कुणाल की कमर में फंसा चाकू दिख गया। बालू ने कुणाल और सुशील को बीच में बैठा लिया। उसके बाद कार डोंगरगांव के पास ले जाकर रोका। कार के रोकते ही बालू और उसके साथियों ने कुणाल और सुशील पर वार करने शुरू कर दिए। आरोपियों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों बुटीबोरी के रास्ते टाकलघाट रोड पर एक बार में जाने के लिए निकले थे। यह बार देर रात तक शुरू रहता है। इस बार की ओर जाते समय आरोपियों की कार बुटीबोरी पुलिस ने नाकेबंदी कर रोकी थी, लेकिन आरोपियों ने कपड़ों पर लगे खून के दाग की मनगढ़ंत कहानी पुलिस को सुनाकर बच निकले थे। 
 

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