स्टेशनरी घोटाला : आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

January 27th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महापालिका में स्टेशनरी घोटाला के गंभीर स्वरूप और जांच प्रक्रिया के चलते आरोपियों को जमानत नहीं दी जा सकती है। यह आदेश सत्र न्यायाधीश सुनील पाटील ने देते हुए सभी आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इससे पहले भी सीजेएम कोर्ट से आरोपियों की जमानत खारिज हो चुकी है।

67 लाख के घोटाले में शामिल हैं आरोपी
सदर पुलिस ने स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय चिलकर की शिकायत पर ठेकेदार समेत मनपा के कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है। आरोपियों में नंदनवन निवासी मनपा के ठेकेदार पद्माकर कोलाबा साकोरे (55), अतुल साकोरे (40), सामान्य प्रशासन विभाग के लिपिक मोहन रतन पडवंशी, लेखापाल मो. अफाक अहमद और लेखाधिकारी राजेश मेश्राम का समावेश है। आरोपियों ने बगैर वर्कऑर्डर के लाखों रुपयांे के बिलों का भुगतान किया है। साथ ही बिल पास करने के लिए दूसरे के पासवर्ड का इस्तेमाल भी किया। बिलों को पास करने के लिए अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए हैं। करीब 67 लाख रुपए के घोटाले में आरोपियों को अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने जमानत के लिए सत्र न्यायालय के समक्ष आवेदन किया। 

जमानत दी तो प्रभावित हो सकती है जांच
मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रत्यक्ष सहभागिता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी है। जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले आराेपियों को जमानत देने से जांच प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए यह आदेश दिया है। सरकार की ओर से अति. सरकारी अधि प्रशांत साखरे और आरोपियों की ओर से अधि. प्रकाश नायडू, अधि. प्रकाश जायस्वाल और अधि. अतुल शेंडे ने पैरवी की।