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नागपुर एयरपोर्ट का हो सकता है निजीकरण, सुगबुगाहट तेज

नागपुर एयरपोर्ट का हो सकता है निजीकरण, सुगबुगाहट तेज

डिजिटल डेस्क, नागपुर। संतरानगरी के डॉ.बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल, नागपुर के निजीकरण की फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि इस बार राजस्व पर पूरी तरह ध्यान केन्द्रित रहेगा, क्योंकि इसके पहले सारी प्रक्रिया होने के बावजूद  मामला अटक गया था।  निजीकरण के लिए जरूरी है कि सबसे पहले विमानतल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उसका प्रारूप बनाया जाए।

झंडी मिलते ही पैमाने तय होंगे
जानकारी के अनुसार, विमानतल के निजीकरण हेतु सबसे पहले कंसल्टेंट एजेंसी को नियुक्त किया जाएगा। इसके िलए टेंडर प्रक्रिया के तहत उसका चयन किया जाएगा। कंसल्टेंट एजेंसी के चुनाव हेतु जल्द ही कमेटी की बैठक करने पर विचार किया जा रहा है। कमेटी की बैठक में कंसल्टेंट एजेंसी को नियुक्त करने हेतु हरी झंडी मिलते ही उसके लिए पैमाने तय होंगे। एक बार एजेंसी नियुक्त हो गई तो फिर विमानतल की आवश्यकता के हिसाब से विकास की योजना बनाई जाएगी। इसके विभिन्न चरण भी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, इस बार का विशेष मुद्दा निजीकरण से होने वाली आय रहेगा। इसको लेकर पिछली बार का टेंडर पूरा होने के बाद आखिर में जीएमआर को देने से मना कर दिया गया था।

सरकार का ध्यान राजस्व पर
सरकार का सारा ध्यान राजस्व पर केन्द्रित बना हुआ है। ऐसे में पिछली बार जैसी स्थिति निर्मित न हो, इसे ध्यान में रखकर योजना बनाई जाएगी। एक बार निजीकरण हेतु एजेंसी को नियुक्त कर लिया गया, तो उसके सभी मापदंड सामने आए जाएंगे। वहीं, विकास का मॉडल भी स्पष्ट हो जाएगा। 

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