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नागपुर : 50 फीसदी स्टाफ के साथ कालेजों ने शुरू किया कामकाज

नागपुर : 50 फीसदी स्टाफ के साथ कालेजों ने शुरू किया कामकाज

डिजिटल डेस्क, नागपुर । लॉकडाउन के कारण मार्च से बंद कॉलेजों में आखिरकार प्रशासकीय कामकाज शुरू हो गया है। आश्चर्य है कि, कॉलेजों में काम पहले शुरू हुआ और जरूरी अनुमति बाद में आई।  केंद्र ने 1 जून से लागू किए अन-लॉकडाउन में मिली आंशिक छूट का फायदा उठाकर कॉलेजों ने अपने प्रशासकीय कामकाज शुरू कर दिए। इसके लिए कई बड़े समूहों ने नागपुर विश्वविद्यालय के आदेश का इंतजार तक नहीं किया।

वानाडोंगरी स्थित एक बड़े शिक्षा समूह द्वारा अपने कॉलेजों में सबसे पहले 1 जून से कामकाज शुरू किया। इसकी देखा-देखी शहर के लगभग सभी बड़े शिक्षा समूहों ने अपने स्टाफ और शिक्षकों को कॉलेज आने का आदेश जारी कर दिया। इधर 3 जून को राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने नोटिफिकेशन जारी कर मनपा निर्धारित नियमों का हवाला देकर शहर सीमा के कॉलेजों को 15 प्रतिशत मनुष्यबल के साथ कामकज करने की अनुमति दी। उसके बाद गुरुवार शाम को राज्य सरकार ने भी दिशा-निर्देश जारी कर कॉलेजों को प्रशासकीय कामकाज की अनुमति दी।

15 से ऑनलाइन कक्षाएं
कॉलेज स्टाफ की मानें तो उनके यहां 15 प्रतिशत से कहीं ज्यादा स्टाफ बुलाया गया है। जितना स्टाफ बुलाया जा रहा है, उतना तो कॉलेज में काम भी नहीं है। विद्यार्थियों की कक्षाएं नहीं होने से शिक्षकों को अल्टरनेट दिन बुलाकर इक्का-दुक्का काम सौंपे जा रहे हैं। 15 जून से उन्हें नए सेमिस्टर की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के निर्देश हैं। कई शिक्षक इस तैयारी में जुटे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि, हाल ही में परीक्षा को लेकर सरकारी स्तर से विविध निर्णय हुए। अंतिम सेमिस्टर को छोड़कर सभी सेमिस्टर के विद्यार्थियों को इंटरनल और पिछले सेमिस्टर के अंकों के आधार पर नंबर देने हैं।

प्रैक्टिकल परीक्षा भी ऑनलाइन लेनी है। ऐसे विविध कामकाज के लिए कॉलेज प्रबंधन की ओर से लगातार नागपुर विश्वविद्यालय प्रशासन को फोन आते रहे। जिसमें शिक्षकों को कॉलेज बुलाने की अनुमति मांगी गई, लेकिन सरकारी गाइडलाइन नहीं होने के कारण उन्हें अनुमति नहीं दी गई। अंतत: 15 प्रतिशत मनुष्यबल वाला निर्देश आया। इधर इंटरनल अंक देने, सेमिस्टर रिजल्ट तैयार करने जैसे काम अधूरे होने के कारण विवि को भी 15 प्रतिशत मनुष्यबल के साथ कामकाज की अनुमति देनी पड़ी।

इनका कहना है 
हमने मनपा आयुक्त की गाइडलाइन के अनुसार 15 प्रतिशत मनुष्यबल के साथ शहर सीमा के कॉलेजों को प्रशासकीय कामकाज करने की अनुमति दी है। इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग और सभी नियमों का पालन करके काम करने की अनुमति है। हां, कॉलेज लेक्चर या अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है, ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा सकती है।  - डॉ.नीरज खटी, प्रभारी कुलसचिव नागपुर यूनिवर्सिटी
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।